PM MODI IN BIHAR : देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार की घरती पर पहुंचे और इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती इलाके की समस्या और घुसपैठियों को लेकर बदले तेवर में नजर आए। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों का हक़ हम दुसरे लोगों में नहीं बंटने देंगे। यहां तो घुसपैठिए कब्ज़ा जमाए बैठे वह हमारी नजर में हैं और मैं यह वादा करता हूँ की हर  घुसपैठियों को देश से बहार करके रहेंगे। इस बात का इ;एलान हमने लाल किला से ही कर दिया इस बार।


पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में घुसपैठिया एक बड़ी समस्या है। यह बिहार में भी बढ़ रही है। ये घुसपैठिए आपके रोजगार छीन रहे हैं, आपकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। आपके हक को छीना जा रहा है। देश के भीतर बैठे समर्थकों से भी सावधान रहना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आरजेडी जैसे दल तुष्टीकरण के लिए बिहार के लोगों का हक छीनकर घुसपैठियों को देना चाहते हैं।


प्रधानमंत्री ने कहा, "एनडीए सरकार ने तय किया है कि घुसपैठियों को बिहार के युवाओं का रोजगार नहीं छीनने देंगे। जिन सुविधाओं को भारतीय लोगों का अधिकार है, उन पर घुसपैठियों को डाका नहीं डालने देंगे। इस खतरे से निपटने के लिए डेमोग्राफिक मिशन शुरू करने की बात कही गई। बहुत जल्द यह मिशन अपना काम शुरू करेगा और घुसपैठियों को देश से बाहर किया जाएगा।"


इसके आगे पीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान (130वां) संशोधन विधेयक पर कहा कि अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाना है तो कोई भी कार्रवाई के दायरे से बाहर नहीं होना चाहिए। आज कानून है कि अगर सरकारी कर्मी कुछ घंटे हिरासत में रख दिया तो वह अपने आप सस्पेंड हो जाता है। उसकी जिंदगी हमेशा के लिए तबाह हो जाती है। अगर कोई मुख्यमंत्री, मंत्री या प्रधानमंत्री है वो जेल में रहकर भी सत्ता का सुख पा सकता है।


पीएम ने इशारों ही इशारों हमने देखा कि जेल से ही फाइलों पर साइन करके सरकारी आदेश निकाले जा रहे थे। नेताओं का यही रवैया रहेगा तो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई कैसे लड़ी जा सकती है। संविधान की मर्यादा को तार-तार होते नहीं देख सकते। इसलिए एनडीए सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसा कानून लाई है, जिसके दायरे में देश का पीएम भी है, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी शामिल किया गया है। कानून बनने के बाद गिरफ्तारी के 30 दिनों के भीतर जमानत लेनी होगी। अगर बेल नहीं मिली तो 31वें दिन कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। मगर आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट वाले इस कानून का विरोध कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो पाप करता है वही अपने पाप दूसरों से छिपाता है।