ब्रेकिंग न्यूज़

छापेमारी के दौरान मदरसा से हथियार बरामद, मौलवी सहित 3 को पुलिस ने दबोचा पश्चिम बंगाल विस चुनाव 2026: BJP ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट आरा में पैसे के विवाद में दोस्त ने दोस्त को मारी गोली, युवक की हालत गंभीर बड़े भाई की हत्या का बदला लेने के लिए खुद पर चलवाई गोली, 3 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा बीच सड़क पर रील बनाना पड़ गया महंगा, पुलिस ने कर दी पिटाई, युवक को गाड़ी में जबरन बिठाते वीडियो वायरल पटना में NMCH क्लर्क के घर दिनदहाड़े चोरी, 35 लाख के जेवरात ले उड़े चोर दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नए द्वार दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नए द्वार भाई वीरेंद्र का बीजेपी पर हमला: “लालू और परिवार तक ही सीमित है उनकी राजनीति, JDU भी एक साल में खत्म” रुद्र सेना का संचालक निकला 50 लाख की लूट का मास्टरमाइंड, बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Home / bihar / gaya-news / फल्गु नदी में पानी छोड़े जाने के बाद मछली पकड़ने के लिए उमड़ी...

फल्गु नदी में पानी छोड़े जाने के बाद मछली पकड़ने के लिए उमड़ी भीड़, प्रशासन की चेतावनी भी नजरअंदाज

Bihar News: फल्गु नदी में रबर डैम से पानी छोड़े जाने के बाद मछलियों की भरमार हो गई, जिसे पकड़ने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, प्रशासन की चेतावनी के बावजूद लोग नदी में उतर रहे हैं।

05-Apr-2026 11:57 AM

By FIRST BIHAR

Bihar News: फल्गु नदी बीते तीन दिनों से अचानक चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इसकी वजह रबर डैम से छोड़ा गया पानी है, जिसने नदी का पूरा मंजर बदल दिया। शनिवार सुबह नदी में बहते पानी के साथ बड़ी संख्या में मछलियां आने लगीं, जिसके बाद बच्चों से लेकर बड़े तक मछली पकड़ने के लिए उमड़ पड़े। कोई जाल से तो कोई टोकरी और हाथों से मछलियां पकड़ता नजर आया। पूरे इलाके में मेले जैसा माहौल बन गया और बच्चों की आवाज से नदी किनारा गुलजार हो उठा।


दरअसल, जिला प्रशासन ने रबर डैम की सफाई के लिए 3 अप्रैल की रात पानी को डाउनस्ट्रीम में छोड़ने का फैसला लिया था। शुक्रवार देर रात पानी छोड़े जाने के बाद शनिवार को इसका असर साफ दिखा। पानी के साथ बहकर आई मछलियों की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग नदी की ओर दौड़ पड़े।


फल्गु नदी एक बरसाती नदी है, जहां मानसून के दौरान डैम के अपस्ट्रीम में जमा पानी का उपयोग सालभर तर्पण और पिंडदान के लिए किया जाता है। मार्च के बाद जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगता है और श्रद्धालुओं द्वारा प्रवाहित पूजा सामग्री के कारण पानी दूषित हो जाता है। 


देवघाट और आसपास के घाटों पर दुर्गंध की समस्या भी बढ़ जाती है, जिससे शहर की छवि प्रभावित होती है। इसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बचा हुआ पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ने का निर्णय लिया, ताकि मानसून 2026 से पहले डैम और घाटों की साफ-सफाई कराई जा सके। इस कार्य को जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन मिलकर पूरा करेंगे।


हालांकि, प्रशासन ने संगत घाट, ब्राह्मणी घाट समेत डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में लोगों के नदी में उतरने पर सख्त चेतावनी जारी की है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग नदी में उतरकर मछली पकड़ रहे हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है।

रिपोर्ट: नितम राज