Railways News : पटना-गया रेलखंड पर गुरुवार की सुबह एक बड़ी घटना सामने आई, जब जहानाबाद जिले के ऊंटा-मदारपुर के समीप अज्ञात चोरों ने रेलवे की ओवरहेड हाईटेंशन बिजली लाइन का करीब 35 मीटर तार काट दिया। इस घटना के कारण डाउन लाइन पर रेल परिचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया और लगभग तीन घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही। सुबह चार बजे से सात बजे तक कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सबसे पहले दानापुर रेल मंडल को ओवरहेड तार कटने की सूचना मिली। इसके बाद दानापुर मंडल से जहानाबाद के रेलवे अधिकारियों और संबंधित विभागों को तत्काल जानकारी दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और तकनीकी टीम को तुरंत मौके पर रवाना किया गया।
हैरानी की बात यह रही कि जहां घटना हुई, वहां से रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट और जीआरपी थाना की दूरी काफी कम है। इसके बावजूद चोर बेखौफ होकर रेलवे की हाईटेंशन लाइन काटने में सफल रहे और सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूचना मिलने के बाद आरपीएफ प्रभारी प्रदीप कुमार यादव के नेतृत्व में सुरक्षा टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने की आहट मिलते ही चोर मौके से फरार हो गए। इसके बाद आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान रेलवे का कटा हुआ तार पास के एक गड्ढे में फेंका हुआ मिला, जिसे बरामद कर जब्त कर लिया गया। माना जा रहा है कि चोर तार लेकर भागने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले उसे छिपाकर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) की तकनीकी टीम विशेष वाहन से घटनास्थल पर पहुंची। तकनीशियनों ने क्षतिग्रस्त ओवरहेड तार की मरम्मत की और सिग्नल व संचार व्यवस्था को दोबारा सुचारु बनाया। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद सुबह करीब सात बजे रेल परिचालन सामान्य हो सका।
इस घटना का असर कई महत्वपूर्ण ट्रेनों पर पड़ा। गंगा-दामोदर एक्सप्रेस, हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस, पलामू एक्सप्रेस और गया-पटना मेमू सहित कई ट्रेनों को रास्ते में रोकना पड़ा। परिचालन बाधित होने के कारण विभिन्न स्टेशनों पर यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों ने ट्रेन लेट होने से असुविधा और परेशानी की शिकायत भी की।
आरपीएफ प्रभारी प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि चोरों ने रेलवे का करीब 35 मीटर लंबा ओवरहेड लार्ज स्पैन केबल काट दिया था, जिससे रेल परिचालन प्रभावित हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। संदिग्ध लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है। रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों की सुरक्षा और निर्बाध रेल परिचालन सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।