Bihar News : राजनीति में ऊंची उड़ान भरने का सपना दिखाकर लोगों को ठगने के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन गया से जो कहानी सामने आई है, वह किसी राजनीतिक थ्रिलर फिल्म की पटकथा से कम नहीं लगती। यहां एक महिला शिक्षिका को पहले एमएलसी बनवाने का सपना दिखाया गया, फिर सपनों की उड़ान इतनी ऊंची कर दी गई कि जमीन पर आते-आते लाखों रुपये, सम्मान और भरोसा तीनों लुट गए।


मामला गया जिले के चाकंद क्षेत्र की एक शिक्षिका से जुड़ा है। आरोप है कि उसके साथी शिक्षक प्रकाश ने खुद को ऐसा प्रभावशाली शख्स बताया, जिसकी पहुंच सत्ता के गलियारों से लेकर टिकट बांटने वालों तक है। शिक्षिका को भरोसा दिलाया गया कि उसे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी बनवा दिया जाएगा। बस थोड़ा खर्च करना होगा, कुछ मीटिंग करनी होगी और बड़े लोगों से संपर्क साधना होगा।


अब राजनीति में टिकट मिलना जितना मुश्किल है, उससे कहीं आसान यहां भरोसा दिलाना साबित हुआ। आरोप है कि प्रकाश ने पहले शिक्षिका को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा, जहां बड़े-बड़े दावे और संदेशों का माहौल बनाया गया। फिर फरवरी 2024 में वाराणसी में कथित बैठक का न्योता दिया गया। खर्च के नाम पर डेढ़ लाख रुपये भी ले लिए गए।


पीड़िता के अनुसार, वाराणसी पहुंचने के बाद उसे खाना और कोल्ड ड्रिंक दी गई। आरोप है कि पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिलाया गया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने अपने दो साथियों की मदद से उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो भी बना लिया।


जब सुबह आंख खुली तो सपनों की राजनीति की जगह हकीकत का भयावह चेहरा सामने था। विरोध करने पर कथित तौर पर वीडियो दिखाकर चुप करा दिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। लोक-लाज और बदनामी के डर से पीड़िता चुप रही, लेकिन आरोपियों का हौसला बढ़ता गया।


शिकायत के मुताबिक, इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार पैसे ऐंठे गए। कभी टिकट दिलाने का भरोसा, कभी पार्टी में ऊंची पहुंच का दावा और कभी बदनामी का डर। इन सबके बीच शिक्षिका से कुल **14 लाख 81 हजार रुपये** वसूल लिए गए। आरोप है कि स्टेशन रोड के एक होटल में मीटिंग के बहाने बुलाकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध भी बनाए जाते रहे।


सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस एमएलसी टिकट का सपना दिखाया गया, उसका कहीं कोई अता-पता नहीं मिला, लेकिन पैसों की वसूली का हिसाब बेहद व्यवस्थित तरीके से चलता रहा। राजनीति की सीढ़ी चढ़ाने का दावा करने वाले कथित खिलाड़ी खुद अब कानून के शिकंजे से बचने के लिए फरार बताए जा रहे हैं।


पीड़िता ने आखिरकार कोर्ट की शरण ली। कोर्ट परिवाद के आधार पर गया के कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया है। बक्सर जिले के रहने वाले प्रकाश, गंगाराम और कृष्णा को नामजद आरोपी बनाया गया है। कोतवाली थाना के एसएचओ धनंजय कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश जारी है।


फिलहाल इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि राजनीति के नाम पर सपने बेचने वालों की दुकान आखिर कब तक चलती रहेगी? यहां एमएलसी की कुर्सी तो दूर रही, लेकिन भरोसे की कुर्सी जरूर टूट गई। और सबसे बड़ी विडंबना यह है कि लोकतंत्र में प्रतिनिधि बनने का सपना देखने वाली एक शिक्षिका खुद धोखे और शोषण की शिकार बन गई।