गया: पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की श्रद्धांजलि सभा के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद बिहार की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। तेजस्वी यादव के इस बयान पर गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने तीखा पलटवार किया। मांझी ने साफ शब्दों में कहा कि “इतना जल्दी हम मरने वाले नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि अभी उन्हें जिंदा रहना है और बिहार के लोगों के लिए जनहित के कई काम करने हैं।

मांझी यहीं नहीं रुके। तेजस्वी यादव के बयान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह की बयानबाजी नेता प्रतिपक्ष कर रहे हैं, उससे लगता है कि उन्होंने “कुछ न कुछ पदार्थ लिया हुआ है।” मांझी ने कहा कि सामान्य व्यक्ति इस तरह की बातें नहीं करता। केंद्रीय मंत्री की इस टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है।

‘अभी हमको जिंदा रहना है, जनहित का काम करना है’

जीतन राम मांझी ने कहा कि उनका अभी काफी काम बाकी है। वह बिहार के लोगों के लिए लगातार काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जनता के हित में काम करने की वजह से उन्हें लोगों की दुआएं मिल रही हैं और इसी कारण वह आगे बढ़ रहे हैं।

मांझी ने कहा कि अगर कोई उनके बारे में नकारात्मक सोचता है तो यह उसकी अपनी सोच है। वह अभी सक्रिय राजनीति में हैं और बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करते रहेंगे। उनके मुताबिक, तेजस्वी यादव द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि दिए जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह अभी पूरी तरह सक्रिय हैं और आगे भी जनता के बीच रहकर काम करते रहेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने अपने कामकाज का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में विकास से जुड़े कई प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में दो टेक्नोलॉजी सेंटर की स्वीकृति दिलाई गई है और उनका उद्घाटन भी हो चुका है। इसके अलावा बोधगया में खादी से जुड़े एक्सीलरेशन सेंटर के खुलने की बात भी उन्होंने कही।

तेजस्वी के साथ काम किया, उनका कार्यकाल भी देखा

जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव के साथ काम करने और उनके कार्यकाल को देखने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह बिहार में पहले के दौर और वर्तमान समय में हो रहे विकास कार्यों की तुलना कर सकते हैं। मांझी ने तेजस्वी यादव के कार्यकाल पर तंज कसते हुए कहा कि उस समय “चरवाहा विद्यालय” की चर्चा होती थी, जबकि आज बिहार में डिग्री कॉलेज और उच्च शिक्षा से जुड़े संस्थानों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के अलग-अलग प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में कई नए काम हो रहे हैं। मांझी का यह बयान सीधे तौर पर तेजस्वी यादव की राजनीति और उनके पुराने कार्यकाल पर निशाना माना जा रहा है। श्रद्धांजलि वाले बयान से शुरू हुई जुबानी जंग अब विकास और पुराने शासन के मुद्दे तक पहुंच गई है।

विष्णुपद और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर का भी किया जिक्र

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गया में प्रस्तावित महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विष्णुपद मंदिर और बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर से जुड़े कॉरिडोर का काम आगे बढ़ने जा रहा है। मांझी ने बताया कि इन परियोजनाओं को लेकर 20 तारीख को दिल्ली में एक बड़ी बैठक होने वाली है। बैठक के बाद संबंधित परियोजनाओं पर आगे की प्रक्रिया बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में इन योजनाओं का असर जमीन पर दिखाई देगा।उनके मुताबिक, इन परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ गया और बोधगया के विकास को भी नई गति मिल सकती है। उन्होंने बिहार में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे विकास कार्यों को डबल इंजन सरकार की उपलब्धि बताया।

‘डबल इंजन सरकार में बढ़ी विकास की रफ्तार’

जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार में केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार होने से विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है। उन्होंने एनडीए सरकार को विकास की गति बढ़ाने वाली सरकार बताया।मांझी ने अपने बयान में एक तरफ तेजस्वी यादव के श्रद्धांजलि वाले बयान का जवाब दिया, तो दूसरी तरफ अपने काम और सरकार की योजनाओं को भी गिनाया। उन्होंने साफ किया कि वह अभी सक्रिय हैं और बिहार के लिए काम करते रहेंगे।


दरअसल, दशरथ मांझी की श्रद्धांजलि सभा में तेजस्वी यादव द्वारा जीतन राम मांझी को श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद शुरू हुई यह सियासी बयानबाजी अब व्यक्तिगत तंज से आगे बढ़कर बिहार के विकास मॉडल और पुराने कार्यकाल की तुलना तक पहुंच गई है। मांझी के “इतना जल्दी नहीं मरने वाला” वाले जवाब और तेजस्वी पर “कुछ न कुछ पदार्थ लिए हुए हैं” जैसी टिप्पणी ने इस राजनीतिक तकरार को और तीखा कर दिया है। आने वाले दिनों में इस बयान पर तेजस्वी यादव या राजद की ओर से पलटवार होता है या नहीं, इस पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हैं।