Bihar News: झारखंड में हो रही मूसलाधार बारिश का असर बिहार के गया जिले में भी देखने को मिल रहा है। गया के सीमावर्ती इमामगंज प्रखंड की मंझौली पंचायत में भुतही नदी पर बनी पुलिया बाढ़ के पानी के तेज बहाव में बह गई। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से हजारों लोगों की परेशानी बढ़ गई है और करीब दर्जनभर गांवों का प्रखंड मुख्यालय और मुख्य मार्ग से संपर्क प्रभावित हो गया है।
पुलिया बह जाने के बाद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा के काम के लिए आने-जाने वाले लोगों को हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, गंभीर स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी बड़ी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, भुतही नदी पर बनी यह पुलिया मंझौली पंचायत के करीब एक दर्जन गांवों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। पुलिया बह जाने के बाद पंचायत के कई गांव और आसपास के इलाके लगभग पूरी तरह से अलग-थलग पड़ जाते हैं। बताया गया कि यह पुलिया मंझौली पंचायत के जीवातरी गांव के पास बनी थी। सिमेंटेड पाइप के सहारे तैयार की गई इस पुलिया को बाढ़ के पानी के तेज बहाव ने क्षतिग्रस्त कर दिया और वह बह गई।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पुलिया पहले भी कई बार क्षतिग्रस्त होकर बह चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह चौथी बार है जब पुलिया बाढ़ के पानी में बह गई है। हर बार पुलिया के बहने के बाद मुख्य सड़क से गांवों का संपर्क टूट जाता है और लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछली बार पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद सरकारी राशि खर्च कर इसकी मरम्मत कराई गई थी, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि कमजोर संरचना के कारण हर बार बारिश और बाढ़ के दौरान यही स्थिति पैदा हो जाती है।
पुलिया के दोबारा बहने के बाद ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार मरम्मत के बजाय ऐसी मजबूत पुलिया या पुल का निर्माण किया जाना चाहिए, जो बाढ़ के पानी के दबाव को झेल सके।
पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से हजारों की आबादी प्रभावित है और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में इमामगंज बीडीओ से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो सकी।