Bihar News: गयाजी में शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को शिक्षक संवाद सह सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी करेंगे। समारोह में बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत, अतरी विधायक रोमित कुमार और टिकारी विधायक अजय दागी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम के आयोजन और इसकी तैयारियों की जानकारी एमएलसी जीवन कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।
एमएलसी जीवन कुमार ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों की समस्याओं को सुनना और शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव प्राप्त करना है। उन्होंने शिक्षकों से अपनी समस्याएं लिखित रूप में देने की अपील की। साथ ही, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा विद्यार्थियों तक कैसे बेहतर तरीके से पहुंचाई जाए, इस विषय पर भी कार्यक्रम में चर्चा की जाएगी।
जीवन कुमार ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करते रहना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा है और कई राज्यों की तुलना में बिहार बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार शिक्षकों की बहाली की जा रही है, जिससे सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों की सोच में भी बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि अब अभिभावकों को सरकारी स्कूलों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने का भरोसा बढ़ रहा है। आने वाले समय में सरकारी विद्यालयों को आधुनिक स्कूलों के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उनका दावा है कि भविष्य में सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले के लिए भी उसी तरह की मांग देखने को मिलेगी, जैसी फिलहाल निजी स्कूलों में देखने को मिलती है।
वहीं, जन सुराज नेता संजीव श्याम सिंह द्वारा शिक्षण संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाने के सवाल पर जीवन कुमार ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपना कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित करने का अधिकार है। उन्होंने इस मामले में किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे लोग काम करने में विश्वास रखते हैं, दिखावे में नहीं।
एमएलसी जीवन कुमार ने कहा कि जब उन्होंने चुनाव लड़ा था, तब उनकी प्रमुख कोशिशों में बिहार के शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिलाना शामिल था और इस दिशा में सफलता मिली। उन्होंने बिहार में शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव का श्रेय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को दिया।
उन्होंने कहा कि बिहार के विभिन्न विभागों में हुई नियुक्तियों में शिक्षा विभाग की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही है। सरकार की ओर से लगातार शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है, जिससे विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। समारोह के दौरान शिक्षकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को जानने का प्रयास किया जाएगा।
रिपोट- नितम राज, गयाजी