Bihar Crime News: बिहार के गया जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. वजीरगंज थाना क्षेत्र में एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई. हत्या के बाद आरोपी उसकी कार लेकर फरार होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता से तीनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया. पुलिस अब इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी है.
मृतक की पहचान बुनियादगंज थाना क्षेत्र के भीम नगर निवासी रघुनंदन दास के पुत्र रविकांत कुमार उर्फ रॉकेट के रूप में हुई है. शनिवार सुबह पुनावां गांव स्थित बगाही पहाड़ के पीछे उसका लहूलुहान शव बरामद किया गया. घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
परिजनों ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब पांच बजे रविकांत अपनी टाटा डिजायर कार से पंचानपुर जाने की बात कहकर घर से निकला था. उसने बताया था कि दोस्त की बहन की विदाई में शामिल होकर रात नौ बजे तक घर लौट आएगा. लेकिन रात होते-होते उसका मोबाइल बंद हो गया. काफी देर तक संपर्क नहीं होने पर परिवार को अनहोनी की आशंका होने लगी और उसकी तलाश शुरू कर दी गई.
परिजनों का आरोप है कि रात में ही वे वजीरगंज थाना पहुंचे और पुलिस से रविकांत की तलाश करने की गुहार लगाई. उनका कहना है कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें सुबह आने की बात कहकर वापस भेज दिया. परिवार का आरोप है कि अगर उसी समय गंभीरता से कार्रवाई होती तो शायद रविकांत की जान बचाई जा सकती थी.
शनिवार सुबह जब परिजनों को सूचना मिली कि रविकांत की कार वजीरगंज थाना परिसर में खड़ी है तो वे वहां पहुंचे. कार के अंदर और बाहर खून के धब्बे देखकर उनके होश उड़ गए. इसी बीच कुर्किहार हाई स्कूल के पास ग्रामीणों ने एक संदिग्ध कार को देखा, जिस पर खून के निशान थे. शक होने पर ग्रामीणों ने घेराबंदी कर कार रोक ली. कार में सवार तीन युवकों से पूछताछ की गई तो उनके जवाब संदिग्ध लगे. इसके बाद लोगों ने तीनों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.
पुलिस की पूछताछ के दौरान हत्या की परतें खुलनी शुरू हुईं. इसी बीच पुनावां गांव के बगाही पहाड़ के पीछे एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली. पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान रविकांत कुमार के रूप में की गई. घटनास्थल पर एफएसएल टीम ने पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बुनियादगंज के अलीपुर निवासी सावन कुमार, विक्रम कुमार और शुभम कुमार के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि तीनों मृतक के दोस्त थे.
घटना की खबर फैलते ही इलाके में भारी आक्रोश फैल गया. गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम करने की कोशिश की और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए. लोगों ने आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी सजा देने की मांग की. बाद में पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया.