Bihar News : गया में चर्चित सुधा डेयरी डकैती कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गया पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि घटना में गोली चलाने वाले मुख्य आरोपी ने वैशाली जिले में आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं और लूटी गई रकम व हथियार की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।


मंगलवार को पुलिस उपाधीक्षक नगर-01 सरोज शाह ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह वारदात 15 मई 2026 को रामपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। उस दिन सुधा डेयरी के कलेक्शन एजेंट कार्यालय में जमा राशि का हिसाब-किताब रजिस्टर में दर्ज कर रहे थे। इसी दौरान पांच हथियारबंद अपराधी वहां पहुंचे और कर्मचारियों को डराकर लूटपाट शुरू कर दी।


बताया गया कि अपराधियों ने हथियार के बल पर कार्यालय में रखी नकदी लूटने का प्रयास किया। जब कलेक्शन एजेंट ने विरोध किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिससे वह घायल हो गया। घटना के बाद अपराधी करीब दो लाख रुपये नकद लेकर मौके से फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई थी।


घटना के बाद रामपुर थाना में कांड संख्या 286/26 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच टीम का गठन किया गया। इस टीम में रामपुर थाना पुलिस, तकनीकी शाखा और अन्य अनुभवी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया।


जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली। साथ ही गुप्त सूचना के आधार पर अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसी क्रम में पुलिस को जानकारी मिली कि डकैती में शामिल कुछ आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम जिले में छिपे हुए हैं।


सूचना मिलने के बाद विशेष टीम ने गुरुग्राम के पालम विहार थाना क्षेत्र में छापेमारी की। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन सशस्त्र बल की सहायता से चारों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान वैशाली जिले के प्रिंस कुमार, शंकर कुमार, अमित कुमार और रोशन कुमार के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए।


पूछताछ में आरोपियों ने डकैती में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रिंस कुमार पहले गुरुग्राम में जोमैटो में काम करता था। वहीं उसकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई थी। आर्थिक तंगी और जल्दी पैसे कमाने की लालच में सभी ने मिलकर लूट की योजना बनाई। इसके बाद गया जिले के चांदौती थाना क्षेत्र में रहकर पूरी रणनीति तैयार की गई और सुधा डेयरी के कलेक्शन एजेंट को निशाना बनाया गया।


पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस कांड का मुख्य शूटर अमित यादव उर्फ राइफल यादव है। उसने वैशाली जिले के गंगा ब्रिज थाना में आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।


जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। कई आरोपियों पर पहले से हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मुख्य आरोपी प्रिंस कुमार के खिलाफ हाजीपुर और अन्य थानों में कई संगीन मामले दर्ज हैं।


गया पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य अपराधियों की तलाश जारी है। साथ ही लूटी गई राशि और घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस खुलासे को गया पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।