Bihar Crime News : गया जी में चोरों ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। कोतवाली थाना क्षेत्र के बैरागी मोहल्ले में झारखंड पुलिस के एएसआई विनोद सिंह के किराये के घर को चोरों ने निशाना बनाया। घर में परिवार के लोग सो रहे थे और इसी दौरान चोर करीब दो लाख रुपये नकद और लगभग 10 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई जा रही है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परिवार के कुछ सदस्यों ने सुबह उठने के बाद चक्कर और सिरदर्द की शिकायत की। इसके बाद आशंका जताई गई कि चोरी करने से पहले चोरों ने घर में किसी तरह का केमिकल या बेहोशी वाला स्प्रे किया होगा। हालांकि, पुलिस ने अभी तक स्प्रे के इस्तेमाल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के बैरागी मोहल्ले की है। झारखंड पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात विनोद सिंह यहां सुरेंद्र सिन्हा के मकान में किराये पर रहते हैं। उनके बेटे विकास कुमार रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं। बताया गया कि घटना के वक्त विकास घर से बाहर थे, जबकि उनके छोटे भाई पवन, विशाल और परिवार के अन्य सदस्य घर में सो रहे थे।

सुबह खुली आंख तो सामने था बिखरा सामान

परिवार के लिए सुबह की शुरुआत उस वक्त डरावनी हो गई, जब नींद खुलने पर कमरे का सामान अस्त-व्यस्त मिला। सुबह करीब पांच से छह बजे के बीच परिवार के सदस्यों ने देखा कि अलमारी खुली हुई है और घर के कई सामान अपनी जगह पर नहीं हैं। जांच करने पर पता चला कि अलमारी में रखी सोने की चेन, अंगूठियां, कंगन समेत कई आभूषण गायब हैं। इसके अलावा चोरों ने उस जगह को भी नहीं छोड़ा, जहां परिवार ने नकदी छिपाकर रखी थी। इडली बनाने वाले बर्तन में छिपाकर रखे करीब दो लाख रुपये भी चोर अपने साथ ले गए। परिवार के मुताबिक, जेवरात की कीमत करीब 10 लाख रुपये है। नकदी और आभूषण मिलाकर चोरी की कुल रकम लगभग 12 लाख रुपये आंकी गई है।

घर में सोते रहे लोग, चोर करते रहे सफाई

घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू यही है कि वारदात रात के उस समय हुई, जब परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। परिवार के अनुसार चोरी रात करीब एक बजे से तीन बजे के बीच हुई। इस दौरान किसी को चोरों की भनक तक नहीं लगी।सुबह कुछ सदस्यों को सिरदर्द और चक्कर की शिकायत हुई तो परिवार को शक हुआ कि कहीं चोरों ने उन्हें बेहोश करने के लिए किसी केमिकल का इस्तेमाल तो नहीं किया था। छोटे भाई पवन को इलाज के लिए जयप्रकाश नारायण अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक जांच और इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से घर भेज दिया गया। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वास्तव में किसी बेहोशी वाले पदार्थ का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। इस बिंदु की भी जांच की जा रही है।

CCTV फुटेज से खुलेगा चोरी का राज

घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने घर का निरीक्षण करने के साथ आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। कोतवाली थानाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि चोर घर में किस रास्ते से दाखिल हुए, कितने लोग वारदात में शामिल थे और क्या उन्होंने पहले से घर की रेकी की थी। पुलिस को उम्मीद है कि आसपास के CCTV फुटेज और अन्य सुरागों से जल्द ही इस चोरी की गुत्थी सुलझ सकती है। एएसआई के घर में हुई इस बड़ी चोरी के बाद बैरागी मोहल्ले के लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और CCTV फुटेज से सामने आने वाले सुरागों पर है।