इमामगंज (गया): बिहार के गया जिले में करोड़ों रुपये के लेनदेन का विवाद अब सड़क से सोशल मीडिया तक पहुंच गया है। इमामगंज थाना क्षेत्र के रानीगंज-गडेरिया इलाके में ₹4 करोड़ 61 लाख के कथित बकाये को लेकर चल रहा विवाद उस समय सुर्खियों में आ गया, जब एक पक्ष ने मिर्च पाउडर फेंककर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया।


कोयला कारोबार से जुड़े इस विवाद में धर्मेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना सिंह ने आरोप लगाया है कि वह अपने साथियों के साथ बकाया राशि की मांग करने पहुंचे थे। इसी दौरान संतोष अग्रवाल की मां बुची देवी और पत्नी सरिता देवी ने उन पर और उनके साथ मौजूद लोगों पर मिर्च पाउडर फेंक दिया। धर्मेंद्र सिंह का दावा है कि हमला उनकी आंखों को निशाना बनाकर किया गया था, लेकिन वह किसी तरह बच गए। उनके अनुसार मिर्च पाउडर आंखों में जाने के बजाय शरीर पर गिर गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।


करोड़ों के लेनदेन से शुरू हुआ विवाद

धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक, पूरा मामला कोयला व्यापार में हुए आर्थिक लेनदेन से जुड़ा है। उनका आरोप है कि संतोष अग्रवाल पर ₹4 करोड़ 61 लाख रुपये की राशि बकाया है, जिसकी मांग को लेकर वह लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि 14 जून 2026 से वह लगातार संतोष अग्रवाल के घर जाकर बकाया रकम लौटाने की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच वह अपने कुछ साथियों के साथ रानीगंज-गडेरिया पहुंचे थे।धर्मेंद्र सिंह का आरोप है कि बातचीत के दौरान अचानक विवाद बढ़ गया और उनके ऊपर मिर्च पाउडर फेंका गया।


धमकी देने का भी लगाया आरोप

धर्मेंद्र सिंह ने इस मामले में एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि घटना के बाद संतोष अग्रवाल ने कथित रूप से अपने सहयोगी परवेज आलम के मोबाइल फोन से उनके बहनोई को फोन किया और धमकी दी। आरोप है कि फोन पर उन्हें लाठी-डंडों से मारकर भगाने और जान से मारने की धमकी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी पुलिस या किसी जांच एजेंसी की ओर से नहीं की गई है।


मौके पर मौजूद लोगों को लेकर भी उठे सवाल

धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि घटना के समय कुछ ऐसे लोग भी मौजूद थे, जिन्हें पहले संतोष अग्रवाल की ओर से उनके खिलाफ दर्ज परिवाद संख्या 546/25 में गवाह बनाया गया था। उनके अनुसार, मौके पर परवेज आलम, सत्येंद्र साहू और कैलू भारती सहित कई लोग मौजूद थे। अब पूरे मामले में इन लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।


वीडियो सामने आने के बाद बढ़ी हलचल

इस विवाद में सबसे ज्यादा चर्चा उस वीडियो की हो रही है, जिसे घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। धर्मेंद्र सिंह का दावा है कि मौके पर मौजूद लोगों ने पूरी घटना को मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया था। वीडियो में कथित रूप से मिर्च पाउडर फेंकने की घटना दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस की ओर से भी अभी तक वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

दूसरे पक्ष का बयान अब भी बाकी

इस पूरे मामले में संतोष अग्रवाल, उनकी मां बुची देवी और पत्नी सरिता देवी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दूसरे पक्ष का कहना है या नहीं, यह स्पष्ट होने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी। पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई के बाद ही यह साफ होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।

बिहार-झारखंड तक पहुंची चर्चा

₹4.61 करोड़ के कथित बकाये का यह मामला अब सिर्फ इमामगंज तक सीमित नहीं रह गया है। कोयला व्यापार से जुड़े होने के कारण बिहार और झारखंड के कारोबारियों के बीच भी इसकी चर्चा हो रही है।फिलहाल सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी है। वीडियो, आरोप और प्रत्यारोप के बीच अब सच्चाई सामने आने का इंतजार है।


रिपोर्ट: नितम राज