Fake TTE : भारतीय रेलवे लगातार यह दावा करती है कि वह यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और पारदर्शी यात्रा सुविधा उपलब्ध करा रही है। अधिकांश मामलों में यह दावा सही भी साबित होता है। हालांकि, समय-समय पर रेलवे से जुड़ी कुछ ऐसी घटनाएं सामने आ जाती हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता पर सवाल खड़े कर देती हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला बिहार के गया जंक्शन से सामने आया है, जहां खुद को टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) बताकर अवैध तरीके से यात्रा कर रहा था ।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12329 अप वेस्ट बंगाल संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में एक युवक टीटीई की वर्दी जैसी पहचान के साथ यात्रियों के साथ एक सीट पर कब्ज़ा जमा यात्रा कर रहा था । आरोप है कि वह सबसे पहले तो बिना टिकट यात्रा कर रहा था और बाकी यात्रियों के बीच खुद की भौकाली भी बना रहा था। वह ट्रेन के एसी कोच में बैठकर यात्रा करने लगा।
इसी दौरान कुछ यात्रियों को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ। उन्होंने उसकी गतिविधियों की सूचना रेलवे अधिकारियों को दी। शिकायत मिलते ही रेलवे सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया। जैसे ही ट्रेन गया जंक्शन पहुंची, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेल पुलिस (जीआरपी) और वाणिज्य विभाग की संयुक्त टीम ने एसी कोच में पहुंचकर युवक को हिरासत में ले लिया।
दरअसल, रेलवे सुरक्षा नियंत्रण कक्ष, डीडीयू (दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन) से सूचना मिली थी कि ट्रेन के एम-2 कोच में ड्यूटी पर तैनात मुख्य टिकट निरीक्षक (चीफ टिकट इंस्पेक्टर) विनोद कुमार ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा है, जो खुद को टीटीई बताकर यात्रियों के बीच घूम रहा था। सूचना के आधार पर गया जंक्शन पर पहले से ही सुरक्षा टीम को अलर्ट कर दिया गया था।
ट्रेन के गया पहुंचते ही आरपीएफ, कमर्शियल विभाग और जीआरपी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध युवक को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान गया आरपीएफ पोस्ट के उप-निरीक्षक इंद्र कुमार ने आरोपी से उसकी पहचान पूछी। उसने अपना नाम अमर कुमार (35 वर्ष) पिता -शंभू प्रसाद, निवासी -बेला गांव, लक्ष्मीपुर थाना, जिला जमुई बताया।
तलाशी लेने पर उसके पास से टीटीई का फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यह यात्रियों के बीच खुद को रेलवे का कर्मचारी बताया इसी के तहत वह स्वयं बिना किसी वैध रेल टिकट के एसी कोच में यात्रा कर रहा था। फर्जी पहचान पत्र मिलने के बाद आरपीएफ ने उसे जब्त कर लिया और आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, रेलवे इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने यात्रियों से अवैध वसूली की और क्या वह पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
इस घटना ने एक बार फिर यात्रियों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। रेलवे अधिकारियों ने भी यात्रियों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति की पहचान या गतिविधि संदिग्ध लगे, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या आरपीएफ को सूचना दें, ताकि समय रहते ऐसी धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके।