GAYAJEE: गयाजी में शारदीय नवरात्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मूर्तिकार विक्की बिंदु अपनी अनोखी कलाकारी से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। वे करीब 50 हजार पेंसिलों और उनके छिलकों की मदद से मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा तैयार कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस प्रतिमा के निर्माण में मिट्टी और पारंपरिक रंगों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। इसमें पेंसिल सार्पनर का भी इस्तेमाल किया गया है। 


मां दुर्गा के साथ बनेगा पूरा दरबार

इस अनूठी प्रतिमा में मां दुर्गा के साथ माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, मां सरस्वती, भगवान कार्तिकेय, शेर और महिषासुर की आकृतियां भी पेंसिल और उनके छिलकों से तैयार की जा रही हैं। कला और आस्था के इस अनोखे संगम को देखने के लिए लोग अभी से उत्सुक हैं।


बच्चों से मिला पेंसिल के छिलकों से प्रतिमा बनाने का विचार

मूर्तिकार विक्की बिंदु ने बताया कि उन्हें यह विचार उस समय आया, जब उन्होंने बच्चों को पेंसिल छीलकर उसके छिलके फेंकते देखा। इसके बाद उन्होंने बेकार समझे जाने वाले छिलकों से मां दुर्गा की प्रतिमा बनाने का फैसला किया। पिछले डेढ़ महीने से वे लगातार इस काम में जुटे हैं। अब तक करीब 20 हजार पेंसिलों का इस्तेमाल हो चुका है। पूरी प्रतिमा तैयार करने में लगभग एक लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।


इंजीनियर की नौकरी छूटी तो मूर्ति कला को बनाया पेशा

गया शहर के बागेश्वरी मोहल्ले के निवासी विक्की बिंदु को मूर्ति बनाने की कला अपने पिता से विरासत में मिली है। वे पहले इंजीनियर के रूप में काम करते थे, लेकिन कोरोना काल में नौकरी छूटने के बाद उन्होंने मूर्ति कला को ही अपना मुख्य पेशा बना लिया। इससे पहले भी वे बांस, सिल्वर और अन्य अनोखी सामग्रियों से प्रतिमाएं बना चुके हैं।


फतेहगंज रोड पर स्थापित होगी प्रतिमा

यह अनोखी मां दुर्गा की प्रतिमा गया शहर के फतेहगंज रोड पर स्थापित की जाएगी। पेंसिलों और उनके छिलकों से तैयार हो रही यह प्रतिमा न केवल मूर्तिकार की रचनात्मकता को दर्शाती है, बल्कि बेकार समझी जाने वाली चीजों के दोबारा उपयोग का संदेश भी देती है। नवरात्र में यह अनूठी कलाकृति लोगों के आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।

गया से नितम राज की रिपोर्ट