Bihar News: गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र में बिजली करंट की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत हो गई. हादसा चरोखरी पंचायत के रघुनाथपुर गांव में गुरुवार को हुआ. बताया जा रहा है कि खेत में मोटर पंप चालू करने के दौरान 36 वर्षीय लाला यादव करंट की चपेट में आ गए थे. बेटे को बचाने पहुंची उनकी 62 वर्षीय मां सुंदरी देवी भी करंट की चपेट में आ गईं. हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.
जानकारी के अनुसार रघुनाथपुर गांव निवासी जगदीश यादव के 36 वर्षीय पुत्र लाला यादव धान की फसल की पटवन करने के लिए खेत गए थे. खेत में मोटर पंप लगा हुआ था. लाला यादव मोटर पंप चालू करने के लिए जैसे ही पहुंचे, इसी दौरान वह बिजली के करंट की चपेट में आ गए.
करंट लगने के बाद लाला यादव मौके पर ही छटपटाने लगे. बेटे को इस हालत में देखकर उनकी मां सुंदरी देवी भी तुरंत खेत की ओर पहुंचीं. उन्होंने बेटे को करंट से छुड़ाने की कोशिश की. इसी दौरान वह भी बिजली के संपर्क में आ गईं और करंट की चपेट में आने से उनकी भी मौत हो गई.
हादसे की जानकारी मिलने के बाद आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे. लोगों ने दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. एक ही परिवार के दो लोगों की मौत की खबर मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
घटना की सूचना ग्रामीणों ने फतेहपुर थाना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही एसआई अंबुज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया.
बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद रघुनाथपुर गांव के ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी है. ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है. ग्रामीणों के अनुसार खेतों में मोटर पंप चलाने के दौरान बिजली के तार और उपकरण कई बार खतरा पैदा करते हैं. ऐसे स्थानों पर बिजली कनेक्शन, तार और उपकरणों की नियमित जांच की जरूरत है.
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से खेतों में लगे मोटर पंप, बिजली के तार और कनेक्शन की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि बिजली से जुड़े उपकरणों में किसी तरह की खराबी या खुले तार होने की स्थिति में समय रहते उसे ठीक किया जाना चाहिए.
रघुनाथपुर गांव में मां-बेटे की एक साथ मौत से शोक का माहौल है. ग्रामीणों के अनुसार सुंदरी देवी अपने बेटे को करंट की चपेट में आया देखकर उसे बचाने के लिए पहुंची थीं, लेकिन इसी कोशिश में उनकी भी जान चली गई.
फतेहपुर थाना के एसआई अंबुज कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पीड़ित परिवार की ओर से फिलहाल कोई आवेदन नहीं दिया गया है. आवेदन मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.