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21-Mar-2026 10:37 AM
By First Bihar
BIHAR CRIME : बिहार के गया जिले में उस समय हड़कंप मच गया, जब मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित फल्गु नदी के रबर डैम की सफाई के दौरान एक संदिग्ध ट्रॉली बैग बरामद हुआ। पानी के बीच फंसे इस बैग को जब बाहर निकाला गया और खोला गया, तो अंदर से 315 बोर के 8 जिंदा कारतूस मिले। यह देख मौके पर मौजूद सफाईकर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया। मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बैग को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को बैग के अंदर कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले, जिनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड और असलहे का लाइसेंस शामिल था। इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस को बैग के मालिक तक पहुंचने में अहम सुराग मिला। मुफस्सिल थाने के इंस्पेक्टर सुनील कुमार द्विवेदी ने बताया कि लाइसेंस पर दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने जो जानकारी दी, उसने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
फोन पर बात करने वाले व्यक्ति की पहचान उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड निवासी सुधीश कुमार के रूप में हुई, जो खुद को रिटायर्ड आर्मी जवान बता रहा था। सुधीश कुमार ने पुलिस को बताया कि वह दिसंबर 2025 में गया आया था, जहां वह निजी सुरक्षा गार्ड की नौकरी की तलाश में था। हालांकि, वेतन को लेकर बात नहीं बन सकी, जिसके बाद उसने वापस लौटने का फैसला किया।
सुधीश के मुताबिक, 10 दिसंबर 2025 की रात वह मगध मेडिकल थाना क्षेत्र से रेलवे स्टेशन जाने के लिए ऑटो में सवार हुआ था। उसने अपना ट्रॉली बैग ऑटो के पिछले हिस्से में रखा था। रास्ते में उसे झपकी आ गई और जब उसकी आंख खुली, तो बैग गायब था। उसे समझ में आया कि उसका सामान चोरी हो चुका है। उसने उसी रात मगध मेडिकल थाना में अज्ञात के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कराया था, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद बैग का कोई सुराग नहीं मिल सका। अंततः वह निराश होकर वापस अपने घर उत्तर प्रदेश लौट गया।
करीब तीन महीने बाद उसी ट्रॉली बैग का फल्गु नदी के रबर डैम से मिलना पुलिस के लिए भी चौंकाने वाला है। पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि चोरी के बाद आरोपियों ने बैग को छिपाने या सबूत मिटाने के उद्देश्य से नदी में फेंक दिया होगा। हालांकि, बैग के अंदर जिंदा कारतूस मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। यह भी जांच का विषय है कि कारतूस वहां पहले से थे या चोरी के बाद किसी ने उन्हें बैग में रखा।
पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है। बरामद बैग और उसमें मिले सभी सामान को संबंधित मगध मेडिकल थाना को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जहां पहले से इस मामले में प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बैग चोरी करने के पीछे किसका हाथ था और कारतूस की मौजूदगी के पीछे क्या कारण है।फिलहाल इस घटना ने इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है और लोग तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।