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बिहार में इस जगह होने वाला है बड़ा बदलाव: अब सिर्फ देशी नहीं, विदेशी खाने का भी मिलेगा स्वाद!

बोधगया में जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय फूड विलेज का निर्माण होने जा रहा है, जो पर्यटन और खान-पान के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा। क्या यह परियोजना शहर को वैश्विक आकर्षण का केंद्र बना पाएगी और पर्यटकों के लिए नए अनुभव लेकर आएगी? जानिए...

02-Mar-2026 01:25 PM

By First Bihar

Bihar News: बिहार की पावन नगरी बोधगया में जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन एवं खान-पान आकर्षण का नया चेहरा तैयार होने जा रहा है। राज्य सरकार और संबंधित विभागों के बीच तैयार की गई महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत यहाँ इंटरनेशनल फूड विलेज का निर्माण किया जाएगा, जिसका अनुमानित बजट 127 करोड़ रुपए रखा गया है। यह परियोजना न केवल बोधगया की सुंदरता और सांस्कृतिक पहचान को और समृद्ध करेगी, बल्कि यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के अनुभव को भी नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।


इस अंतरराष्ट्रीय फूड विलेज का प्रस्ताव बोधगया के ‘नोड एक’ क्षेत्र में रखा गया है, जहाँ पुरानी संरचनाओं को हटाकर लगभग 4.2 एकड़ क्षेत्र में इसे विकसित किया जाएगा। यह क्षेत्र बोधगया के मुख्य पर्यटन मार्ग के समीप स्थित है और प्रमुख दर्शनीय स्थलों के नजदीक होने की वजह से भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। योजना के पूरा होने पर यहां विश्व के अनेक देशों के प्रसिद्ध और स्वादिष्ट व्यंजनों की एक समृद्ध पेशकश देखने को मिलेगी।


परियोजना का उद्देश्य और महत्व

बोधगया में पहले ही बौद्ध धर्म के अनुयायियों और पर्यटकों की भारी संख्या देखने को मिलती है, जो साल भर दुनिया के कोने-कोने से यहाँ आते हैं। अक्सर विदेशी पर्यटक स्थानीय खान-पान से संतुष्ट नहीं होते और उन्हें अपनी-अपनी संस्कृति के स्वादों की तलाश रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, इस इंटरनेशनल फूड विलेज में वियतनाम, श्रीलंका, थाईलैंड, जापान, चीन, कोरिया तथा अन्य देशों के प्रसिद्ध खाद्य पदार्थों की सेवा प्रदान की जाएगी।


सिर्फ विदेशी व्यंजन ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के विविध स्वाद भी यहाँ मौजूद रहेंगे। साथ ही, बिहार और आसपास के क्षेत्रों के GI टैग (भौगोलिक संकेत टैग) वाले उत्पाद और पारंपरिक स्थानीय व्यंजन भी पर्यटकों के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे राज्य की सांस्कृतिक एवं आर्थिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा।


पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

बोधगया में स्थित महाबोधि मंदिर और अन्य पवित्र स्थल पहले से ही लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। लेकिन विदेशी यात्रियों को कभी-कभी स्थानीय भोजन का स्वाद उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं मिलता, जिससे वे असंतुष्ट भी हो सकते हैं। इंटरनेशनल फूड विलेज के निर्माण से विदेशी संस्कृति के खान-पान को समझने और आनंद लेने का अवसर मिलेगा, जिससे बोधगया पर्यटन अनुभव और भी समृद्ध तथा संतुष्टिदायक बनेगा।


यहां ना केवल भोजन मिलेगा, बल्कि प्रत्येक देश की पाक संस्कृति और परंपरा को समझने का भी अनुभव पर्यटक प्राप्त करेंगे। कार्यक्रमों, कुकिंग डेमो, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक व्यंजनों की जानकारी जैसे आकर्षण भी उपलब्ध होंगे। इससे न केवल विदेशी पर्यटक, बल्कि भारतीय पर्यटक भी नई-नई चीज़ों को देखने और अनुभव करने के लिए उत्साहित होंगे।


रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल

इंटरनेशनल फूड विलेज के बनने से बोधगया और इसके आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यहाँ स्थानीय युवाओं को रेस्तरां संचालन, पाक कला, ग्राहक सेवा, प्रबंधन, विपणन और पर्यटन से संबंधित अन्य क्षेत्रों में कार्य करने के अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय लोगों की आमदनी और जीवन स्तर में सुधार को भी बढ़ावा मिलेगा।


परियोजना के क्रियान्वयन से बोधगया के आसपास की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। होटल, परिवहन, बाजार, सेवाएँ तथा अन्य सहायक व्यापार भी विकसित होंगे, जिससे रोजगार के अतिरिक्त स्रोत उभरेंगे। स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों और खाद्य पदार्थों की बिक्री भी बढ़ेगी, जिससे पारंपरिक कला तथा संस्कृति को संरक्षण तथा प्रोत्साहन मिलेगा।