Bihar News: गयाजी के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ब्लड बैंक से प्लेटलेट की एक यूनिट गायब होने का मामला सामने आया है। मामला बी-पॉजिटिव ब्लड ग्रुप से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, 1 सितंबर की शाम और नाइट शिफ्ट के बीच प्लेटलेट की यूनिट गायब हुई।



ब्लड बैंक के रिकॉर्ड में इस यूनिट का बैग नंबर 4609 और सेगमेंट नंबर 24G/516120 दर्ज है। यूनिट के गायब होने की जानकारी मिलने के बाद ब्लड बैंक में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए ब्लड बैंक में काम करने वाले 9 कर्मचारियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह स्पष्टीकरण रक्त केंद्र विभाग के चिकित्सा प्रभारी अनिल कुमार की ओर से जारी किया गया है।



कर्मचारियों से कहा गया है कि ब्लड यूनिट के गायब होने के मामले में उनकी जिम्मेदारी तय हो सकती है, इसलिए वे अपना स्पष्टीकरण दें। हालांकि, अभी तक किसी भी कर्मचारी की ओर से संतोषजनक स्पष्टीकरण दिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।



वहीं, इस मामले में रक्त की हेराफेरी और बिक्री को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि एक मरीज को कथित तौर पर 10 हजार रुपये में बेचने की बात सामने आई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ब्लड बैंक के नियमों के मुताबिक, हर यूनिट का रिकॉर्ड रखा जाता है—यूनिट कब तैयार हुई, किस मरीज के लिए जारी की गई, किस समय इश्यू हुई और अगर किसी कारण से डिस्पोज की गई तो उसकी भी एंट्री दर्ज होती है।



लेकिन इस मामले में गायब यूनिट को लेकर ब्लड बैंक के रिकॉर्ड में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने की बात कही जा रही है। इससे कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल किसी कर्मचारी की भूमिका साबित नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से भी मामले की पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर प्लेटलेट की यूनिट ब्लड बैंक से गायब कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है? जांच पूरी होने के बाद ही इसका खुलासा हो सकेगा।

रिपोर्ट- नितम राज, गयाजी