EOU Raid Bihar : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चन्द्रमोहन पासवान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या-09/26 दर्ज कर बुधवार सुबह उनके छह अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की गई। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।


आर्थिक अपराध इकाई द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, विश्वस्त सूत्रों से मिली सूचना के सत्यापन के बाद चन्द्रमोहन पासवान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय से करीब 89 लाख 13 हजार 500 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित की है। यह राशि उनकी वैध आय से लगभग 81.03 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।


सूत्रों के मुताबिक, आर्थिक अपराध इकाई ने माननीय विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद कार्रवाई शुरू की। बुधवार सुबह पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने एक साथ छह ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें दरभंगा के बहादुरपुर स्थित उनका आवास और व्यवसायिक भवन, मधुबनी जिले के बाबूबरही स्थित पैतृक घर एवं व्यवसायिक परिसर, केवटी स्थित सरकारी कार्यालय और सरकारी आवास शामिल हैं।


छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने महत्वपूर्ण दस्तावेज, जमीन और निवेश से जुड़े कागजात, बैंक खातों का ब्यौरा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार टीम को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। हालांकि, आर्थिक अपराध इकाई ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जानकारी तलाशी अभियान पूरा होने के बाद साझा की जाएगी।


इस कार्रवाई के बाद दरभंगा और मधुबनी इलाके में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। स्थानीय लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासनिक हलकों में भी इस छापेमारी को बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति मामलों में लगातार जांच एजेंसियां सक्रिय दिखाई दे रही हैं।


जानकारी के मुताबिक, आर्थिक अपराध इकाई लंबे समय से चन्द्रमोहन पासवान की संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन पर नजर रख रही थी। सत्यापन के दौरान मिले दस्तावेजों और सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अवैध संपत्ति किन-किन स्रोतों से अर्जित की गई और इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका है या नहीं।


बिहार में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामलों में हाल के महीनों में तेजी आई है। इससे पहले भी कई विभागों के अधिकारियों के यहां छापेमारी हो चुकी है। आर्थिक अपराध इकाई की यह कार्रवाई सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति के तहत अहम मानी जा रही है।फिलहाल सभी छह ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है और जांच एजेंसियों की टीम दस्तावेजों को खंगालने में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि छापेमारी पूरी होने के बाद कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।