वायरल वीडियो पुलिस तक पहुंचते ही पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया। वीडियो का सत्यापन कराया गया, जिसमें हथियार असली होने की आशंका जताई गई। जांच के बाद वीडियो में दिखाई दे रही महिला की पहचान घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के सिरसिया गांव निवासी लाखो देवी के रूप में हुई।
इसके बाद घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महिला के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को एक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक अतिरिक्त मैगजीन, वीडियो बनाने में इस्तेमाल किया गया एंड्रॉयड मोबाइल फोन और कुछ नकदी बरामद हुई। बरामदगी के बाद पुलिस ने महिला को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान महिला हथियार से जुड़े दस्तावेज या वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सकी। ऐसे में पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में उसके खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस रिकॉर्ड की जांच में यह भी सामने आया कि महिला के खिलाफ पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज है, जिससे जांच और गंभीर हो गई है।
पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि महिला के पास पिस्टल कहां से आई, हथियार किसका है और इसका इस्तेमाल किन-किन गतिविधियों में किया गया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इस हथियार का संबंध किसी आपराधिक गिरोह या अन्य आपराधिक घटनाओं से तो नहीं है।
इस पूरे मामले पर बिरौल के एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। सत्यापन के बाद छापेमारी कर हथियार और अन्य सामान बरामद किया गया तथा महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और हथियार के स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करना केवल दिखावा नहीं, बल्कि कानून का गंभीर उल्लंघन भी हो सकता है। चाहे लाइक पाने की होड़ हो या फॉलोअर्स बढ़ाने की चाह, यदि कोई व्यक्ति अवैध हथियारों का प्रदर्शन करता है या कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला कंटेंट पोस्ट करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हाल के दिनों में बिहार के कई जिलों से हथियारों के साथ रील बनाने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले सामने आए हैं। पुलिस लगातार ऐसे वीडियो की निगरानी कर रही है और वायरल कंटेंट के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई कर रही है।
दरभंगा की यह घटना एक बार फिर यह संदेश देती है कि सोशल मीडिया पर कुछ सेकंड की लोकप्रियता के लिए कानून को हाथ में लेना भारी पड़ सकता है। जिस रील से महिला इंटरनेट पर पहचान बनाना चाहती थी, उसी वीडियो ने उसे सीधे पुलिस की गिरफ्त तक पहुंचा दिया। अब उसकी वायरल रील सोशल मीडिया पर नहीं, बल्कि पुलिस केस की फाइल में दर्ज हो चुकी है