Bihar News : दरभंगा के बहेड़ी में  गुरूवार  देर रात करीब 2 बजे बघौल-अटहर मुख्य सड़क पर परवाहा बांध के पास शराब लदी एक ट्रक अचानक सड़क किनारे पलट गई। ट्रक के पलटते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन हादसे के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने कई सवाल खड़े कर दिए। बताया जा रहा है कि ट्रक में लदी शराब की बोतलें निकालने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस सुबह करीब 6:30 बजे घटनास्थल पर पहुंची।

दरभंगा के बहेड़ी में रात का सन्नाटा था। सड़क पर आवाजाही भी कम थी। घड़ी की सुई करीब 2 बजे का वक्त बता रही थी। तभी बघौल-अटहर मुख्य सड़क पर परवाहा बांध के पास एक शराब लदी ट्रक सड़क किनारे पलट गई।हादसे की आवाज और ट्रक के पलटने की खबर आसपास के इलाके में जैसे ही पहुंची, लोग घटनास्थल की ओर बढ़ने लगे। शुरुआत में मामला एक सड़क हादसे का था, लेकिन कुछ ही देर में तस्वीर बदलती नजर आई। ट्रक पलटी थी... और उसमें शराब लदी थी। बस फिर क्या था? मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। बताया जा रहा है कि ट्रक में रखी शराब की बोतलें निकालने की होड़ मच गई। जिसे मौका मिला, वह ट्रक के पास पहुंचता दिखा। देखते ही देखते हादसे वाली जगह पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सवाल सीधा है—सड़क पर ट्रक पलटी थी या शराब की बोतलों ने लोगों को अपनी ओर खींच लिया था?

हादसा रात 2 बजे, पुलिस सुबह 6:30 बजे पहुंची

स्थानीय स्तर पर घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस सुबह करीब 6:30 बजे घटनास्थल पर पहुंची। यानी हादसे के करीब साढ़े चार घंटे बाद पुलिस के पहुंचने की बात सामने आ रही है।जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, वहां लोगों की भीड़ जमा थी। शराब लदी ट्रक सड़क किनारे पलटी हुई थी और घटनास्थल पर लोगों की आवाजाही जारी थी।अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं।अगर ट्रक पलटने की सूचना रात में ही मिल गई थी, तो पुलिस मौके पर कब पहुंची?पुलिस के पहुंचने से पहले ट्रक से कितनी शराब निकाली गई?आखिर इतनी बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल तक कैसे पहुंचे?और सबसे बड़ा सवाल—क्या हादसे के बाद ट्रक की सुरक्षा के लिए तत्काल कोई इंतजाम किया गया था? इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच के बाद ही साफ हो सकेगा।

ट्रक का नंबर भी सामने आया

घटना में पलटी ट्रक का नंबर HR 45C 8635 बताया जा रहा है। ट्रक में शराब लदी होने की जानकारी सामने आने के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया है। स्थानीय लोगों के बीच सुबह तक यही घटना चर्चा का विषय बनी रही। रात के अंधेरे में पलटी ट्रक और उसके आसपास जुटी भीड़ की कहानी अब कई सवालों को जन्म दे रही है। एक तरफ सड़क हादसा था, दूसरी तरफ शराब की बोतलों से भरी ट्रक और तीसरी तरफ मौके पर जुटती भीड़। ऐसे में पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं लग रहा था।

‘मुफ्त की बोतल’ समझने वालों पर भी सवाल

घटना के बाद जिस तरह से लोगों के ट्रक की ओर पहुंचने की बात सामने आई, उसने सामाजिक सवाल भी खड़ा कर दिया है। आखिर सड़क हादसे में पलटे किसी वाहन से सामान उठाना क्या सही है? चाहे वह शराब हो या कोई दूसरा सामान, हादसे के बाद सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी होती है? अगर मौके पर भीड़ बढ़ती जाए और पुलिस देर से पहुंचे, तो स्थिति कितनी बिगड़ सकती है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।यहां तंज भी अपने आप निकलता है—हादसा ट्रक का हुआ था, लेकिन बोतलों को देखकर कई लोगों की ‘लॉटरी’ निकलती नजर आई! हालांकि घटनास्थल पर वास्तव में कितनी शराब थी, कितनी सुरक्षित बची और कितनी गायब हुई, इसका आधिकारिक आंकड़ा फिलहाल सामने नहीं आया है। पुलिस की जांच के बाद ही इसकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

अब जांच से खुलेगा पूरा राज

फिलहाल पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटी है। ट्रक के पलटने की वजह क्या थी? चालक की स्थिति क्या थी? शराब कहां से लाई जा रही थी और कहां ले जाई जा रही थी? ट्रक से शराब निकालने की घटना में कितने लोग शामिल थे? इन तमाम सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आ सकते हैं। दरभंगा के बहेड़ी में देर रात हुआ यह हादसा सिर्फ ट्रक पलटने की घटना नहीं रह गया है। ट्रक पलटी, भीड़ जुटी और शराब की बोतलें चर्चा का केंद्र बन गईं। अब निगाह पुलिस की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर है। क्योंकि असली कहानी सिर्फ यह नहीं कि ट्रक कैसे पलटी, बल्कि यह भी है कि ट्रक पलटने के बाद उसमें लदी शराब का क्या हुआ?