Bihar News: बिहार पुलिस अपने कारनामों को लेकर अक्सर चर्चा में बनी रहती है। ताजा मामला दरभंगा से सामने आया है, जहां अपहरण का आरोपी पुलिस की मौजूदगी में मोबाइल फोन पर बात करता दिख रहा है। आरोपी को मोबाइल किसी और ने नहीं बल्कि उसके साथ मौजूद पुलिसकर्मी ने ही दिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल, नाबालिग के अपहरण के आरोप में मंडल कारा में बंद एक आरोपी वीडियो सामने आया है। वायरल वीडियो में सुरक्षा ड्यूटी में तैनात एक जवान अस्पताल में भर्ती आरोपी को मोबाइल फोन देते और उससे किसी से बात कराते नजर आ रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जेल और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद यह जांच का विषय बन गया है कि अस्पताल में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात जवान ने आरोपी को मोबाइल फोन किसके निर्देश पर दिया और उससे बात क्यों कराई गई। वीडियो की सत्यता और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
बताया जाता है कि आरोपी ने इससे पहले मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए सीढ़ी के सहारे जेल की ऊंची दीवार फांदकर भागने की कोशिश की थी। बाद में उसे पोलो मैदान के पास स्थित एक मंदिर से पकड़ा गया। जेल की दीवार से कूदने के दौरान उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया था, जिसके बाद उसे डीएमसीएच में भर्ती कराया गया।
आरोपी की पहचान मधुबनी जिले के सकरी थाना क्षेत्र निवासी मो. फरमान साह के रूप में हुई है। वह मनीगाछी थाना कांड संख्या 266/26 में 13 वर्षीय नाबालिग के अपहरण के आरोप में मंडल कारा में बंद था। अब मोबाइल देने के वायरल वीडियो के साथ-साथ आरोपी के जेल से भागने की पूरी घटना में सुरक्षा व्यवस्था की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
रिपोर्ट- गिरिश कुमार, दरभंगा