Bihar Crime News: दरभंगा जिले के सिमरी थाना क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर आयोजित आर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान विवाद के बाद चाकूबाजी की घटना सामने आई है. इसमें 19 वर्षीय कमलेश राम की मौत हो गई, जबकि 18 वर्षीय सुमन कुमार घायल हो गया. घटना के बाद पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
घटना शनिवार देर रात करीब एक बजे भराठी पंचायत के कुमरपट्टी गांव के वार्ड संख्या 12 में हुई. मृतक की पहचान गांव निवासी रामाशीष राम के पुत्र कमलेश राम के रूप में हुई है. वहीं घायल सुमन कुमार सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के ठकनिसा गांव निवासी रामकिशोर राम का पुत्र है. वह जन्माष्टमी के मौके पर अपने फूफा महेश राम के घर कुमरपट्टी आया हुआ था.
जानकारी के अनुसार, गांव में जन्माष्टमी को लेकर आर्केस्ट्रा कार्यक्रम चल रहा था. इसी दौरान एनएच-27 पर कंसी और सिमरी के कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई.
बताया जा रहा है कि विवाद के बाद कंसी गांव के युवकों ने फोन कर अपने गांव से करीब 15 से 20 अन्य युवकों को बुला लिया. कुछ देर बाद ये युवक कुमरपट्टी स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और विवाद में शामिल युवकों की तलाश करने लगे. इस दौरान वहां हंगामा और झड़प की स्थिति बन गई.
ग्रामीणों के समझाने के दौरान हुई चाकूबाजी
ग्रामीणों ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया. इसी दौरान कमलेश राम और सुमन कुमार पर चाकू से हमला कर दिया गया. दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. कमलेश की हालत बेहद गंभीर थी.
घटना के बाद ग्रामीणों ने घायल कमलेश के पेट को गमछे से बांधा और इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले गए. डीएमसीएच में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. कमलेश गांव में मजदूरी करता था और उसकी शादी नहीं हुई थी.
वहीं घायल सुमन कुमार का इलाज सिंहवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया जा रहा है. उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है.
ग्रामीणों ने कुछ युवकों को पकड़कर पुलिस को सौंपा
घटना के बाद ग्रामीणों ने कंसी गांव के गनौर सहनी, लड्डू गोपाल, मुरारी सहनी और राकेश सहनी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. इसके बाद पुलिस ने मामले में कुल आठ लोगों को हिरासत में लिया है.
सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. अभी तक मृतक के स्वजन की ओर से पुलिस को आवेदन नहीं दिया गया है. आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
जन्माष्टमी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान चाकूबाजी की घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई. घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए. कमलेश की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसके परिवार में भी चीख-पुकार मच गई.
कमलेश पांच बहनों और चार भाइयों में आठवें नंबर पर था. उसकी मौत की खबर मिलने के बाद पूर्व मुखिया चंद्र किशोर सिंह, मुखिया प्रतिनिधि रामबाबू साह, दीपक कुमार, मुनमुन सिंह, जटाशंकर सिंह समेत कई ग्रामीण मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया.
घटना के बाद ग्रामीणों ने जन्माष्टमी कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा के आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं थी.
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि आर्केस्ट्रा कार्यक्रम के लिए अनुमति जरूरी थी, तो कार्यक्रम किस अनुमति के आधार पर आयोजित किया गया. हालांकि, कार्यक्रम की अनुमति और मौके पर पुलिस बल की तैनाती को लेकर पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
घटना की सूचना मिलने के बाद सदर-2 के एसडीपीओ एसके सुमन, सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार, अपर थानाध्यक्ष शशि शंकर कुमार और पन्नालाल सिंह समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे. फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए.
पुलिस ने घटना के कारणों, विवाद में शामिल लोगों और चाकूबाजी की पूरी घटना को लेकर अलग-अलग पहलुओं से जांच शुरू कर दी है.