दरभंगा: जिम में शुरू हुई पहचान कब कथित तौर पर फोन कॉल, WhatsApp मैसेज और मिलने के दबाव तक पहुंच गई, इसका जवाब अब महिला थाना की जांच में तलाशा जा रहा है। दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के सैदनगर स्थित एक जिम संचालक पर 25 वर्षीय युवती ने लगातार परेशान करने, जबरन मिलने का दबाव बनाने और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

पीड़िता ने महिला थाना में लिखित आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं—क्या जिम की पहचान दोस्ती से आगे बढ़ गई थी? क्या इनकार के बाद भी कथित तौर पर दबाव बनाया गया? और सबसे बड़ा सवाल... आखिर वीडियो वायरल करने की धमकी क्यों दी गई?

छह महीने जिम गई, तीन महीने से फोन-मैसेज का आरोप

पीड़िता के आवेदन के मुताबिक, वह करीब छह महीने तक सैदनगर स्थित जिम में व्यायाम करने जाती थी। इसी दौरान उसकी पहचान जिम संचालक शराफत हुसैन से हुई। युवती का आरोप है कि करीब तीन महीने से शराफत लगातार उसे फोन और WhatsApp पर मैसेज करने लगा। आरोप के मुताबिक, उस पर शॉपिंग करने, रेस्टोरेंट जाने और अकेले मिलने का दबाव बनाया जाता था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उस पर निजी संबंध बनाने के लिए दबाव डाला गया। युवती का कहना है कि उसने कई बार अपनी असहमति जताई, लेकिन कथित तौर पर संपर्क करने का सिलसिला नहीं रुका। आखिरकार परेशान होकर युवती ने जिम जाना छोड़ दिया। लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी रास्ते में परेशान करने और संपर्क करने की कोशिश जारी रही।

‘वीडियो वायरल कर दूंगा’... आरोप ने बढ़ाई सनसनी

मामले में सबसे गंभीर आरोप ट्रायल रूम में कथित हिडन कैमरे को लेकर लगाया गया है। युवती के आवेदन के अनुसार, जिम संचालक ट्रायल रूम में हिडन कैमरा होने का दावा करता था। युवती का आरोप है कि उसे कहा जाता था कि उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए गए हैं और अगर उसने आरोपी की बात नहीं मानी तो इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। यहीं से मामला और गंभीर हो जाता है। अब सवाल है—क्या वाकई कोई रिकॉर्डिंग मौजूद है? अगर है तो वह कहां है? और अगर नहीं है तो कथित तौर पर इस तरह की धमकी क्यों दी गई? पीड़िता ने अपने आवेदन में संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात भी कही है। अब इन दावों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

आरोपी बोला- ‘मैं निर्दोष हूं’, कहानी में आया अकरम का नाम

दूसरी तरफ जिम संचालक शराफत हुसैन ने युवती के सभी आरोपों को गलत बताते हुए खुद को निर्दोष बताया है।शराफत के मुताबिक, युवती से उसकी कोई दोस्ती नहीं थी। उसका दावा है कि युवती का उसके दोस्त अकरम के साथ संबंध था और उसके मोबाइल से युवती को जो मैसेज भेजे गए, वे अकरम ने किए थे।

आरोपी ने उल्टा युवती पर उसे प्राथमिकी में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शराफत का दावा है कि इसी क्रम में उससे पांच लाख रुपये लिए गए और बाद में उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई।यानी एक तरफ युवती की शिकायत में परेशानी, दबाव और वीडियो वायरल करने की कथित धमकी की बात है, तो दूसरी तरफ आरोपी पक्ष इसे अलग कहानी बताते हुए खुद को पीड़ित बता रहा है।

आरोपी के भाई ने भी आरोपों को बताया गलत

आरोपी के भाई आरिफ मुहम्मद ने भी युवती के आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि युवती की दोस्ती उसके भाई शराफत से नहीं बल्कि अकरम नाम के युवक से थी। आरिफ का दावा है कि युवती अकरम के साथ होटल जाती और घूमती थी तथा उसके भाई के जिम में केवल व्यायाम करने आती थी। अब इस पूरे मामले में कौन सच बोल रहा है और किसका दावा सही है, यह जांच के बाद सामने आएगा।

तीन किरदार, दो दावे और कई सवाल

इस मामले में फिलहाल कहानी के तीन प्रमुख किरदार सामने हैं—पीड़िता, जिम संचालक और आरोपी का भाई। पीड़िता गंभीर आरोप लगा रही है, जबकि आरोपी और उसका परिवार इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या WhatsApp चैट, कॉल रिकॉर्ड, कथित वीडियो या दूसरे डिजिटल साक्ष्य इस विवाद की असली तस्वीर सामने ला पाएंगे?

महिला थाना में दिए गए आवेदन के बाद अब पुलिस जांच पर सबकी नजर है। जांच में अगर आरोपों की पुष्टि होती है तो मामला गंभीर हो सकता है। वहीं, यदि आरोपी पक्ष के दावों में सच्चाई निकलती है तो कहानी का रुख पूरी तरह बदल सकता है। फिलहाल मामला आरोप और बचाव के बीच फंसा है और सच की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।