BIHAR NEWS : बिहार के दरभंगा जिले में बुधवार को एक बड़ा नाव हादसा हो गया। जिले के किरतपुर प्रखंड अंतर्गत तरवारा घाट के रिंग बांध के पास नदी पार कर खेतों में मूंग की फसल तोड़ने जा रहे लोगों से भरी नाव अचानक नदी में डूब गई। हादसे के समय नाव पर कुल 13 लोग सवार थे। स्थानीय लोगों की तत्परता से 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि तीन महिलाएं अभी भी लापता हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तरवारा घाट के समीप गांव के कई लोग रोजाना की तरह नाव के सहारे नदी पार कर खेतों में काम करने जा रहे थे। इसी दौरान बीच नदी में नाव असंतुलित हो गई और देखते ही देखते पानी में समा गई। नाव डूबते ही यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत बचाव कार्य में जुट गए और कई लोगों को नदी से सुरक्षित निकाल लिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नाव पर सवार अधिकांश लोग कृषि कार्य के लिए नदी के उस पार जा रहे थे। हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर भी लापता लोगों की खोज शुरू कर दी, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद तीन महिलाओं का कोई पता नहीं चल सका।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रशासन की ओर से राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को भी बुलाया गया है। SDRF की टीम नदी में विशेष उपकरणों के साथ सर्च ऑपरेशन चला रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लापता महिलाओं की तलाश युद्धस्तर पर की जा रही है। नदी में पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण बचाव अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। फिर भी सभी संभावित स्थानों पर खोजबीन जारी है। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही लापता लोगों का पता लगा लिया जाएगा।
हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। लापता महिलाओं के परिजन नदी किनारे पहुंच गए हैं और लगातार प्रशासन से जानकारी ले रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी पार करने के लिए सुरक्षित व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान और मजदूर नाव के सहारे नदी पार करते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता। कई बार क्षमता से अधिक लोगों को नाव पर बैठा लिया जाता है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने नियमित निगरानी और सुरक्षित नाव संचालन की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता तीन महिलाओं को खोज निकालने की है। SDRF और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। घटना के बाद जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और बचाव कार्य में सहयोग करने की अपील की है। नदी किनारे सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा है और सभी की निगाहें SDRF के सर्च अभियान पर टिकी हुई हैं। देर शाम तक राहत एवं बचाव कार्य जारी रहने की संभावना है।
(खबर अपडेट की जा रही है...)