PATNA/DARBHANGA: आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) आनंद कुमार विभूति के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर की गई।
EOU के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आनंद कुमार विभूति की ज्ञात आय से 121.87 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने के प्रथमदृष्टया साक्ष्य मिले हैं। इसी आधार पर आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 21/26 दर्ज किया गया है।
आनंद कुमार विभूति वर्ष 2014 में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के 53वीं से 55वीं बैच के माध्यम से सीधे नियुक्त हुए थे। सेवा अवधि के दौरान उन्होंने पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जिलों में विभिन्न पदों पर काम किया है।
पैतृक गांव में करीब 70 लाख का मकान
तलाशी के दौरान EOU की टीम को पूर्वी चंपारण के चिरैया थाना क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव लालबेगिया में एक भव्य मकान मिला। जांच एजेंसी के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस मकान के निर्माण पर करीब 70 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। भवन का विस्तृत मूल्यांकन आगे कराया जाएगा।
वहीं, मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित सरस्वती नगर में उनके निजी आवास से जमीन से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए गए। EOU के मुताबिक, इनमें स्वयं और परिजनों के नाम पर 9 तथा अन्य लोगों के नाम पर 7, यानी कुल 16 भू-खंड खरीदे जाने से संबंधित कागजात शामिल हैं।
Innova और Scorpio समेत चार वाहन मिले
तलाशी के दौरान एक Innova Crysta, एक Scorpio समेत चार चार पहिया वाहन पाए गए। इसके अलावा आभूषणों की खरीद से संबंधित इनवॉइस और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, आनंद कुमार विभूति और उनके परिजनों के नाम पर विभिन्न बैंकों में कुल 16 बैंक खाते पाए गए हैं। इन खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा एक बैंक लॉकर भी मिला है, जिसकी तलाशी अभी बाकी है।
म्यूचुअल फंड में करीब 70 लाख के निवेश के साक्ष्य
तलाशी के दौरान भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और अन्य बीमा कंपनियों में निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। इन बीमा पॉलिसियों में करीब 1.50 लाख रुपये का वार्षिक प्रीमियम जमा किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा विभिन्न म्यूचुअल फंड फोलियो में करीब 70 लाख रुपये निवेश किए जाने से संबंधित दस्तावेज भी EOU को मिले हैं।
जब्त दस्तावेजों की जांच जारी
EOU की टीम बरामद और जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि अब तक हुई तलाशी में सामने आए दस्तावेजों के आधार पर प्राथमिकी में दर्ज आय से अधिक संपत्ति की राशि में और वृद्धि होने की संभावना है। आनंद कुमार विभूति के खिलाफ दर्ज मामले और लोक सेवक के रूप में कर्तव्यों के कथित विचलन की जानकारी उनके पैतृक विभाग ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना को भी दी जा रही है। फिलहाल EOU की जांच जारी है और दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश तथा संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।