BUXAR: बक्सर जिले के चौसा नगर पंचायत अंतर्गत चौसा बाजार स्थित साक्षरता भवन सह रामलीला मंच पर कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी द्वारा ताला लगाए जाने के बाद उत्पन्न विवाद को लेकर विश्वामित्र सेना ने सामाजिक पहल की है। सेना ने प्रशासनिक अधिकारियों और सनातनी श्रद्धालुओं के बीच संवाद एवं सामंजस्य स्थापित करने की अपील करते हुए रामलीला का आयोजन सुचारू रूप से जारी रखने की दिशा में पहल की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, चौसा में वर्ष 1925 से रामलीला का मंचन होता आ रहा है। इस वर्ष भी पांच दिनों तक रामलीला का आयोजन हो चुका है, जबकि चार दिनों का मंचन शेष है। ऐसे में आयोजन के बीच रामलीला मंच पर तालाबंदी किए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए धार्मिक आस्था और क्षेत्र की ऐतिहासिक सांस्कृतिक परंपरा के सम्मान की मांग की है।
विश्वामित्र सेना का मानना है कि सार्वजनिक भवन के उपयोग और प्रशासनिक कार्यों से जुड़े विषयों का समाधान आपसी संवाद एवं समन्वय से किया जाना चाहिए, ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों और वर्षों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा भी बाधित न हो। इसी उद्देश्य से सेना ने अधिकारियों से वार्ता कर पिछले पांच दिनों से जारी रामलीला के शेष आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने की दिशा में पहल की है।
विश्वामित्र सेना ने जिलाधिकारी महोदय से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर रामलीला मंच पर लगाए गए ताले को खुलवाने, पूरी कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदारी निर्धारित करने की मांग की है। सेना ने यह भी सवाल उठाया कि रामलीला आयोजन के बीच तालाबंदी किस आधार पर की गई और क्या इस संबंध में आयोजकों एवं स्थानीय लोगों से संवाद किया गया था।
विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक, श्री राजकुमार चौबे का प्रशासन से आग्रह है कि मामले का समाधान संवेदनशीलता, निष्पक्षता और आपसी सहमति के आधार पर किया जाए, ताकि चौसा की ऐतिहासिक रामलीला परंपरा निर्बाध रूप से जारी रह सके और प्रशासन एवं आमजन के बीच विश्वास बना रहे।