Bihar News: बिहार में बढ़ती गर्मी अब खतरनाक रूप लेने लगी है और इसका असर सीधे बच्चों की सेहत पर दिखने लगा है। बक्सर जिले के राजपुर प्रखंड स्थित कनेहरी उच्च विद्यालय में सोमवार को ऐसा ही एक डरावना मंजर देखने को मिला, जब भीषण गर्मी और लू के कारण एक-दो नहीं बल्कि करीब 10 छात्र-छात्राएं अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। देखते ही देखते पूरा स्कूल परिसर चीख-पुकार और अफरा-तफरी से गूंज उठा।
सुबह की शुरुआत तो हर दिन की तरह सामान्य थी। बच्चे अपने सपनों और उम्मीदों के साथ स्कूल पहुंचे थे। चेतना सत्र (प्रार्थना) भी शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, लेकिन जैसे ही बच्चे कक्षाओं में पहुंचे, गर्मी ने अपना असली रूप दिखाना शुरू कर दिया। उमस भरी हवा और तेज लू के थपेड़ों के बीच अचानक एक छात्र बेहोश होकर गिर पड़ा। इससे पहले कि शिक्षक कुछ समझ पाते, एक-एक कर कई बच्चे चक्कर खाकर गिरने लगे।
इस अप्रत्याशित घटना से पूरे स्कूल में हड़कंप मच गया। शिक्षक घबरा गए और बच्चों को संभालने में जुट गए। हालात इतने गंभीर हो गए कि कुछ समय के लिए स्कूल का माहौल अस्पताल जैसा लगने लगा। हर तरफ बच्चे जमीन पर लेटे हुए, कुछ रो रहे थे, तो कुछ बेहोशी की हालत में थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय के प्रिंसिपल अरबिंद कुमार सिंह ने तुरंत मोर्चा संभाला। उन्होंने बिना देर किए बेहोश बच्चों को पंखों के नीचे लिटवाया और पानी के छींटे मारकर प्राथमिक उपचार शुरू कराया। उनकी तत्परता और सूझबूझ से बड़ी अनहोनी टल गई।
जैसे ही इस घटना की खबर गांव में फैली, अभिभावकों में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों की हालत जानने के लिए स्कूल की ओर दौड़ पड़े। स्कूल परिसर में कुछ ही देर में भारी भीड़ जुट गई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
भीषण गर्मी और बच्चों की बिगड़ती हालत को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग ने तुरंत फैसला लेते हुए सुबह 9 बजे ही स्कूल की छुट्टी करवा दी। सभी बच्चों को सुरक्षित उनके घर भेजा गया। राहत की बात यह रही कि सभी प्रभावित बच्चों की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हालांकि, इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जब तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है, तो स्कूलों के समय में बदलाव या छुट्टी को लेकर पहले से कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? क्या बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार है?