BUXAR: बक्सर जिले के प्रधान डाकघर स्थित डाक डिवीजन और सब-डिवीजन कार्यालय में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम ने अचानक छापेमारी की। इस दौरान 3 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार, CBI की टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की। हिरासत में लिये गये लोगों को पूछताछ के लिए नगर थाना ले जाया गया। जहां बंद कमरे में तीनों से पूछताछ की गई।
सीबीआई की रेड के बाद डाक अधीक्षक सरिता कुमारी के कार्यालय से बाहर निकलने की जानकारी सामने आई है। उनका मोबाइल बंद होने की भी बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में विभाग या जांच एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
CBI की कार्रवाई के कारणों को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि छापेमारी किस मामले को लेकर की गई है।
नया डाक प्रमंडल बनने के बाद बढ़ा था प्रशासनिक दायरा
गौरतलब है कि बक्सर डाकघर को कुछ महीने पहले नए डाक प्रमंडल का दर्जा मिला था। इसके बाद यहां प्रशासनिक गतिविधियों के साथ वित्तीय लेन-देन का दायरा भी बढ़ा।
ऐसे में CBI की अचानक हुई कार्रवाई के बाद विभागीय कामकाज और वित्तीय गतिविधियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, मौजूदा कार्रवाई इसी अवधि से जुड़े किसी मामले में हुई है या किसी पुराने प्रकरण के सिलसिले में, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
वित्तीय अनियमितता या रिश्वत से जुड़े मामले की आशंका
स्थानीय स्तर पर CBI की छापेमारी को किसी कथित वित्तीय अनियमितता या रिश्वतखोरी से जुड़े मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, यह फिलहाल महज आशंका है और जांच एजेंसी की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
CBI की टीम द्वारा जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल छापेमारी के कारण और जांच के दायरे को लेकर CBI, डाक विभाग या स्थानीय प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। आधिकारिक बयान आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई किस मामले में और किन आरोपों के आधार पर की गई।