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12-May-2022 08:05 AM
PATNA : BPSC पेपर लीक मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई के सामने एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। BPSC की पीटी परीक्षा खत्म होने के बाद तक एक तरफ जहां आयोग यह मानने को तैयार नहीं था कि पेपर लीक हुआ है और इसके लिए जांच कमेटी गठित की गई थी तो वहीं दूसरी तरफ BPSC के ही अधिकारियों ने इओयू की पूछताछ के दौरान बताया है कि परीक्षा शुरू होने के महज 3 मिनट बाद ही उन्हें इस बात की जानकारी हो गई थी कि क्वेश्चन पेपर लीक हो चुका है।
मिली जानकारी के मुताबिक़, बीपीएससी के अधिकारियों के मोबाइल पर जब वायरल क्वेश्चन आए तो उन्होंने वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी। उस समय तक परीक्षा की शुरुआत नहीं हुई थी। खबर मिलते ही बीपीएससी के एक वरीय अधिकारी गर्दनीबाग स्थित परीक्षा केंद्र पर गए। लेकिन, तब तक परीक्षा शुरू हो गई थी। लगभग 12 बजकर तीन मिनट पर अधिकारी ने जब वायरल क्वेश्चन पेपर को सेट सी के असली प्रश्न पत्र से मिलाया तो वह एक जैसा ही था। इसके बाद अफसरों के बीच हड़कंप मच गया।
ईओयू अधिकारियों ने बीपीएससी के परीक्षा नियंत्रक से कई सवाल पूछे कि उनके मोबाइल पर वायरल क्वेश्चन पेपर कब भेजे गए और जब असली प्रश्न पत्र से इसका मिलान किया गया तो अफसरों का रिएक्शन कैसा था। ईओयू अधिकारियों ने कहा है कि जांच में मदद के लिए आगे भी उन्हें बुलाया जा सकता है। बीपीएससी के कुछ और ऐसे कर्मी है, जिनसे पूछताछ होने की पूरी संभावना है। ऑफिस से जब्त डाक्यूमेंट्स और कंप्यूटर की भी जांच चल रही है।
प्रश्न पत्र लीक होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है कि प्राइवेट कालेजों को किसी भी स्तर की परीक्षा के लिए केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इसके साथ ही स्वच्छ छवि वाले पदाधिकारियों को ही दंडाधिकारी और परीक्षा में प्रतिनियुक्त की जाएगी। इसको लेकर सभी जिलाधिकारियों को लेटर लिखा गया है। इस लेटर के मुताबिक़ जिलाधिकारी उन्हीं शिक्षण संस्थानों को सेंटर बनाएंगे, जिन पर किसी भी स्तर की परीक्षा के दौरान अनियमितता का आरोप नहीं है।