अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
23-Dec-2020 07:19 AM
PATNA : बिहार में आज से जूनियर डॉक्टर काम नहीं करेंगे. जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से बिहार में आज से स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित होने की उम्मीद है. जूनियर डॉक्टरों की भूमिका स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बेहद महत्वपूर्ण है. लगातार सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में जूनियर डॉक्टर ही बड़ी भूमिका निभाते रहे हैं और अब इन्होंने स्ट्राइक पर जाने का फैसला किया है.
जूनियर डॉक्टरों की 1 सूत्री मांग स्टाइपेंड बढ़ाने की है. आज सुबह 7:00 बजे से सभी जूनियर डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. जूनियर डॉक्टर्स के संगठन ने मंगलवार को ही इसका ऐलान कर दिया था. जेडीए के मुताबिक उन्होंने अपनी तरफ से मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और अधीक्षक को जानकारी दे दी है. जेडीए के मुताबिक साल 2017 से बिहार में जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड रिवाइज नहीं किया गया है जिसकी वजह से वह स्ट्राइक पर जा रहे हैं.
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि हर 3 साल पर स्टाइपेंड में बढ़ोतरी होनी चाहिए. जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर हरेंद्र के मुताबिक राज्य में जूनियर डॉक्टरों की संख्या तकरीबन एक हजार है. यानी कुल डॉक्टरों की संख्या से आधी तादाद जूनियर डॉक्टरों की है. जो पीजी से लेकर इमरजेंसी सेवा तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने इस मामले पर दो बार राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से मिलने का प्रयास किया, लेकिन मुलाकात नहीं हुई. विभाग का कहना है कि प्रथम वर्ष में 50 वर्ष में 55 55 हजार मिलता है.