ARRAH:भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के घर सोमवार को भाजपा सांसद मनोज तिवारी पहुंचे। घटना के दो महीने पूरे होने पर उन्होंने भरत तिवारी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। बता दें कि 17 जून 2026 को भरत भूषण तिवारी की पुलिस कार्रवाई के दौरान मौत हुई थी।
इस घटना के ठीक दो महीने बाद भाजपा सांसद मनोज तिवारी भरत के परिजनों से मिलने पहुंचे। इस दौरान भरत की बहन रूबी देवी ने मनोज तिवारी को राखी बांधी और उनसे अपने भाई के लिए न्याय की मांग की। मनोज तिवारी ने परिवार को भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह उनके साथ खड़े हैं। मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मनोज तिवारी ने कहा कि घटना के बाद कई पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर, निलंबन और गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों पर दर्ज मामलों में राहत दिलाने की मांग भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के साथ जो हुआ, वह अन्याय है और परिवार को न्याय जरूर मिलेगा। मनोज तिवारी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकारी नौकरी, आर्थिक सहायता और भरत तिवारी की स्मृति में स्मारक बनाने जैसी मांगों को लेकर भी सरकार से बातचीत की जाएगी।
बता दें कि 17 जून की घटना के दो महीने पूरे होने पर परिवार की ओर से गरीबों के लिए भोजन कराया गया था। इसी दौरान मनोज तिवारी ने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। उनके साथ स्थानीय विधायक समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। भरत तिवारी की बहन ने मनोज तिवारी को राखी बांधकर न्याय की गुहार लगाई।
मीडिया से बातचीत में मनोज तिवारी ने कहा कि भरत तिवारी के परिवार और गांव के साथ हुई घटना की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन वह परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि परिवार की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया है और सरकार की ओर से दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई है। उन्होंने दावा किया कि मामले में एफआईआर, निलंबन और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई हुई है। मनोज तिवारी ने कहा कि वह कानून का पालन करने वाले व्यक्ति हैं और मामले की कानूनी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन परिवार को भरोसा दिलाते हैं कि न्याय जरूर मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से परिवार की मुलाकात भी कराई गई थी और उसके बाद कार्रवाई की शुरुआत हुई।
गांव के लोगों पर दर्ज मुकदमों में राहत का भरोसा
मनोज तिवारी ने बताया कि परिवार ने गांव के करीब 14 लोगों पर दर्ज मुकदमे और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद स्वाभाविक प्रतिक्रिया के तौर पर जिन लोगों ने विरोध-प्रदर्शन में कुछ कहा या अपनी बात रखी, उनके मामलों में राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने भरत तिवारी के साथ हुई घटना को लेकर भावनाओं में आकर कुछ कहा है तो उसके आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों को राहत दिलाने की पहल करने का आश्वासन दिया।
फेक एनकाउंटर के सवाल पर बोले- निर्दोष को मारना अन्याय
भरत तिवारी के एनकाउंटर को फेक एनकाउंटर मानने के सवाल पर मनोज तिवारी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास हथियार नहीं था और उसे हथियार फेंककर मार दिया गया, तो यह सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि इसी आधार पर न्याय की लड़ाई आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के परिवार की ओर से उठाई जा रही मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के नाम पर स्मारक बनाए जाने की मांग पर भी आगे प्रावधान किया जाएगा, लेकिन फिलहाल प्राथमिकता मामले में न्याय दिलाना है।
परिवार पर आरोप लगाने से दुख होता है : मनोज तिवारी
प्रशांत किशोर द्वारा भरत तिवारी के परिवार को लेकर दिए गए कथित बयान पर मनोज तिवारी ने कहा कि परिवार के बारे में किसी तरह की छोटी बात कहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार पहले ही गंभीर दुख से गुजर रहा है और ऐसे में उस पर किसी तरह का लांछन लगाए जाने से उन्हें भी तकलीफ होती है। मनोज तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा आर्थिक सहायता दिए जाने की भी बात कही गई है, जिसकी विस्तृत घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि वह खुद को अब भरत तिवारी के परिवार और बेलौटी गांव का सदस्य मानते हैं। उन्होंने गांव और क्षेत्र के लोगों से आपसी विवाद और गुटबाजी को खत्म कर प्रेम और भाईचारे के साथ रहने की अपील की। साथ ही भरोसा दिलाया कि मामले में जो भी दोषी होंगे, उन्हें सजा दिलाने के लिए वह अपनी ओर से प्रयास जारी रखेंगे।
आरा से राकेश कुमार की रिपोर्ट