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Mahakumbh 2024: "खिड़की से चढ़े, गेट पर लटके!" कुंभ जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बेकाबू

प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं। आरा जंक्शन पर यात्री क्षमता से अधिक, गेट पर खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर। सुरक्षा इंतजाम नाकाफी, धक्का-मुक्की के बाद मुश्किल से मिलती है जगह।

23-Feb-2025 09:16 AM

By First Bihar

महाकुंभ 2024 के समापन में अब कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ दिन-प्रतिदिन बेकाबू होती जा रही है। प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। यात्रियों की भीड़ इतनी है कि लोग ट्रेन की खिड़कियों से चढ़कर गेट पर लटककर यात्रा करने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि आरक्षित बोगियों में भी अनारक्षित यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसके कारण आरक्षण कराने वालों को भी बैठने की जगह नहीं मिल पा रही है।


शनिवार की शाम आरा जंक्शन पर नजारा दिल दहलाने वाला था। हजारों की संख्या में श्रद्धालु महाकुंभ में स्नान करने के लिए प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों का इंतजार कर रहे थे। प्लेटफॉर्म पर जैसे ही ट्रेन आई, यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कई लोगों ने खिड़कियों से अंदर जाने की कोशिश की, तो कुछ लोग गेट पर लटक गए। कई यात्री दरवाजे पर खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर हुए। 


हालात इतने खराब हो गए हैं कि अब आरक्षित कोचों में भी यात्री भीड़ में सफर कर रहे हैं। रिजर्वेशन होने के बावजूद यात्रियों को अपनी सीट तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। रेलवे प्रशासन यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील कर रहा है, लेकिन भीड़ के आगे सारे इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।


बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को तैनात किया गया है, लेकिन यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा है कि पुलिसकर्मी भी लाचार नजर आ रहे हैं। हालात यह हैं कि कई यात्री ट्रेन में जगह न मिलने के कारण स्टेशन पर ही रुक रहे हैं और अगली ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हर बार भीड़ का दबाव बढ़ जाता है।


महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कई स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन यह भीड़ को संभालने के लिए काफी साबित नहीं हो रही हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं, इसलिए यात्रियों को धैर्य रखना चाहिए।


कई यात्रियों को ट्रेन में जगह न मिलने के कारण यात्रा स्थगित करनी पड़ी। कुछ यात्री ऐसे भी थे, जिनकी ट्रेन छूट गई और वे मायूस होकर प्लेटफॉर्म पर बैठे रहे। श्रद्धालुओं का कहना है कि महाकुंभ में स्नान करना उनके लिए आस्था और मोक्ष का विषय है, इसलिए वे किसी भी कीमत पर प्रयागराज पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।


रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य रखने और सुरक्षित यात्रा करने की अपील की है। साथ ही यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अतिरिक्त भीड़ से बचने के लिए पहले से योजना बनाएं और हो सके तो रात की ट्रेनों में यात्रा करें, ताकि भीड़ को थोड़ा नियंत्रित किया जा सके।