Bihar News: वर्दी भले ही उतर गई हो, लेकिन समाज की सेवा करने का जज्बा आज भी कायम है। जरूरतमंदों की मदद करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल लगातार जारी है। हम बात कर रहे हैं भारतीय पुलिस सेवा (IPS) से वीआरएस लेने वाली पूर्व आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा की, जो अब भी अपनी सेवा भावना के जरिए समाज के जरूरतमंद लोगों के बीच पहुंचकर उनकी मदद कर रही हैं।





दीपावली के त्योहार को लेकर जहां लोग अपने-अपने घरों और कामकाज में व्यस्त हैं, वहीं पूर्व आईपीएस काम्या मिश्रा अपने पति एवं भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित के साथ आरा शहर के बहिरो स्थित महादलित मोहल्ले में पहुंचीं। यहां उन्होंने सैकड़ों जरूरतमंद बच्चों के बीच कॉपी, किताब, पेंसिल, मिठाइयां और पटाखों का वितरण किया।





खास बात यह रही कि इस दौरान न कोई तामझाम था और न ही प्रचार-प्रसार की कोई कोशिश। बिना किसी लाव-लश्कर और मीडिया कवरेज के काम्या मिश्रा अपने पति के साथ चुपचाप बच्चों के बीच पहुंचीं और उन्हें दीपावली की खुशियां बांटीं। पढ़ाई से जुड़ी सामग्री के साथ मिठाइयां और पटाखे पाकर छोटे-छोटे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।





पूर्व आईपीएस काम्या मिश्रा का यह अंदाज समाज सेवा की एक अलग तस्वीर पेश करता है। आईपीएस की नौकरी से वीआरएस लेने के बाद भी उनकी सेवा भावना में कोई कमी नहीं आई है। वह लगातार जरूरतमंद लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझने और यथासंभव सहायता पहुंचाने का काम कर रही हैं।





इस नेक पहल में उनके पति और भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित भी उनका पूरा साथ दे रहे हैं। दोनों पति-पत्नी का जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर उनकी सहायता करना यह संदेश देता है कि समाज सेवा के लिए किसी पद या वर्दी की जरूरत नहीं होती, बल्कि इसके लिए संवेदनशील दिल और दूसरों के प्रति मदद का जज्बा होना जरूरी है।

भोजपुर से राकेश कुमार की रिपोर्ट...