Bihar Flood: बाढ़ राहत अभियान के आठवें दिन क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में कमी देखने को मिली, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत की जरूरत अभी भी बनी हुई है। ऐसे में समाजसेवी अजय सिंह की टीम ने राहत कार्य को जारी रखते हुए शुक्रवार को उन इलाकों का रुख किया, जहां त्रिपाल की आवश्यकता या कमी की सूचना मिल रही थी।
जलस्तर कम होने के बावजूद कई बाढ़ प्रभावित परिवार अभी भी अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर रह रहे हैं। उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अजय सिंह के कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग पंचायतों और गांवों में पहुंचकर आवश्यकता के अनुसार त्रिपाल और सूखा राशन का वितरण किया।
आरा प्रखंड के बागीपाकड़ पंचायत के मैनपुरा गांव में भी जरूरतमंद परिवारों के बीच त्रिपाल उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित सुंदरपुर बरजा, दरियापुर, सिंघीतला, धमार पंचायत तथा अगरसंडा पंचायत के छोटका धर्मपुरा एवं बड़का धर्मपुरा में भी अजय सिंह की टीम सक्रिय रही और प्रभावित परिवारों तक त्रिपाल पहुंचाया।
बड़हरा और आरा प्रखंड के अन्य बाढ़ प्रभावित पंचायतों में भी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर स्थिति का जायजा लिया और जहां त्रिपाल की आवश्यकता महसूस हुई, वहां जरूरत के अनुसार उसका वितरण किया गया।
पिछले कई दिनों से लगातार राहत कार्य में जुटी अजय सिंह की टीम का अभियान अब जलस्तर में कमी आने के बाद भी जारी है। टीम की ओर से प्रभावित क्षेत्रों से मिल रही सूचनाओं के आधार पर राहत सामग्री की जरूरत वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
आठवें दिन राहत अभियान का स्वरूप भले ही बदला नजर आया, लेकिन बाढ़ प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने की गतिविधियां लगातार जारी रहीं। जलस्तर में कमी के बाद भी जिन परिवारों को अभी राहत सामग्री की जरूरत है, उन तक पहुंचने पर टीम की ओर से विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अजय सिंह ने कहा कि जलस्तर में कमी राहत की अच्छी खबर है, लेकिन जब तक प्रभावित परिवार पूरी तरह सामान्य स्थिति में नहीं लौटते, तब तक उनकी जरूरतों का ध्यान रखना जरूरी है। जहां भी त्रिपाल या अन्य आवश्यक सहायता की जरूरत की सूचना मिलेगी, वहां टीम के माध्यम से मदद पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।