Bihar Flood Relief : बाढ़ राहत की सहायता राशि की सूची में अगर किसी वास्तविक बाढ़ प्रभावित परिवार का नाम छूट गया है, तो अब उसे सूची में शामिल कराने का मौका दिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। छूटे हुए परिवार पंचायत स्तर से अपना नाम सूची में जुड़वा सकेंगे। प्रशासन के मुताबिक, छूटे हुए परिवारों को सबसे पहले अपनी पंचायत में संपर्क करना होगा। वहां संबंधित परिवार की बाढ़ प्रभावित होने की स्थिति की जांच की जाएगी और उसका नाम प्रस्ताव के तौर पर तैयार किया जाएगा।
पंचायत स्तर से शुरू होगी प्रक्रिया
नाम जोड़ने की प्रक्रिया पंचायत स्तर से शुरू होगी। इसके लिए संबंधित पंचायत की अनुश्रवण समिति और मुखिया के माध्यम से छूटे हुए परिवारों के नाम का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।यानी अगर किसी परिवार का नाम बाढ़ राहत की सूची में नहीं आया है, तो उसे पंचायत स्तर पर अपनी बात रखनी होगी। जांच और आवश्यक प्रक्रिया के बाद पात्र परिवार का नाम प्रस्तावित सूची में शामिल किया जाएगा।
प्रस्ताव पास होने के बाद क्या होगा?
पंचायत स्तर पर प्रस्ताव तैयार होने के बाद उसे पारित कराया जाएगा। इसके बाद मुखिया और पंचायत समिति की ओर से तैयार सूची को संबंधित अंचल कार्यालय यानी सीओ कार्यालय में जमा कराया जाएगा।यहीं से नाम जोड़ने की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
सीओ कार्यालय में पोर्टल पर दर्ज होगा नाम
पंचायत से सूची अंचल कार्यालय पहुंचने के बाद छूटे हुए परिवारों का विवरण ‘संपूर्ति पोर्टल’ पर दर्ज किया जाएगा। अंचल कार्यालय में तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटर पोर्टल पर संबंधित परिवार की जानकारी दर्ज करेंगे।नाम पोर्टल पर दर्ज होने के बाद प्रशासन की ओर से जरूरी सत्यापन और प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पात्र पाए जाने वाले परिवार को इसके बाद राहत सहायता का लाभ दिया जाएगा।
एक सप्ताह के विशेष अभियान में जुड़वा सकते हैं नाम
जिला प्रशासन ने छूटे हुए वास्तविक बाढ़ प्रभावित परिवारों के नाम जोड़ने के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। ऐसे में जिन परिवारों का नाम राहत सूची में शामिल नहीं हो पाया है, उन्हें पंचायत स्तर पर जल्द अपनी बात रखनी होगी।सीधी बात:पंचायत में संपर्क → अनुश्रवण समिति/मुखिया से प्रस्ताव → प्रस्ताव पारित → सीओ कार्यालय में जमा → संपूरक पोर्टल पर नाम दर्ज → सत्यापन के बाद सहायता।