आरा : बिहार के भोजपुर जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और ऑडियो क्लिप ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। पीरो थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में अब पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वायरल वीडियो और ऑडियो की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद पीरो थाने के अपर थानाध्यक्ष पंकज कुमार को तत्काल प्रभाव से पुलिस केंद्र, भोजपुर (आरा) वापस बुला लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। बता दें, भोजपुर जिला ट्रक ओनर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजय यादव ने एसपी से शिकायत की थी. 


वायरल वीडियो में पंकज कुमार को सीधे तौर पर किसी के साथ मारपीट करते हुए स्पष्ट रूप से नहीं देखा गया है, लेकिन घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी और बातचीत के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा ने कई सवाल खड़े कर दिए। पुलिस अधीक्षक ने अपने आदेश में उनके आचरण को प्रथम दृष्टया पुलिस पदाधिकारी के लिए अपेक्षित मर्यादा और अनुशासन के विपरीत माना है।


दरअसल, यह पूरा मामला 2 और 3 नवंबर की दरम्यानी रात का बताया जा रहा है। इस दौरान की कुछ वीडियो और ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इन वायरल क्लिप के सामने आने के बाद संबंधित घटनाक्रम को लेकर सवाल उठने लगे थे। मामला पुलिस विभाग से जुड़ा होने के कारण अधिकारियों ने भी इसे गंभीरता से लिया। इसके बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पीरो की ओर से पूरे मामले की जांच की गई। उन्होंने अपने कार्यालय के पत्रांक डीआर संख्या 3378/2026, दिनांक 4 नवंबर 2026 के माध्यम से जांच प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक को सौंपा। इस रिपोर्ट के अवलोकन के बाद पीरो थाने में तैनात अपर थानाध्यक्ष पंकज कुमार की भूमिका और उनके आचरण को लेकर कार्रवाई का फैसला लिया गया।


पुलिस अधीक्षक ने अपने आदेश में साफ किया है कि पुलिस पदाधिकारी का व्यवहार उसके पद की गरिमा और विभागीय अनुशासन के अनुरूप होना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में पुलिसकर्मी से संयमित और मर्यादित आचरण की अपेक्षा की जाती है। आदेश के मुताबिक, उपलब्ध तथ्यों से प्रथम दृष्टया पंकज कुमार का आचरण पुलिस पदाधिकारी के लिए निर्धारित अपेक्षाओं और विभागीय अनुशासन के प्रतिकूल प्रतीत होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मामले की गंभीरता, निष्पक्ष जांच और विभागीय अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से उन्हें तत्काल प्रभाव से पुलिस केंद्र, भोजपुर, आरा वापस करने का निर्णय लिया गया।


पुलिस अधीक्षक कार्यालय, भोजपुर, आरा की ओर से 5 नवंबर 2026 को जारी आदेश में पंकज कुमार को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी देरी के अपने नए पदस्थापन स्थल यानी पुलिस केंद्र, भोजपुर में योगदान दें। इसके साथ ही उन्हें अनुपालन प्रतिवेदन भी समर्पित करने को कहा गया है। इस आदेश की प्रतिलिपि भोजपुर के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस उपाधीक्षकों, अंचल पुलिस निरीक्षकों और थानाध्यक्षों को भी आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए भेजी गई है।


इस कार्रवाई को भोजपुर पुलिस प्रशासन की ओर से अनुशासन और पुलिस की छवि को लेकर उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि मामला केवल वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और एक पुलिस अधिकारी के व्यवहार को भी कार्रवाई का आधार बनाया गया है।


फिलहाल पंकज कुमार को पीरो थाना से हटाकर पुलिस केंद्र भेज दिया गया है। हालांकि, इस आदेश में उन्हें दोषी ठहराए जाने या अंतिम विभागीय जांच के निष्कर्ष की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में आगे की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सबकी नजर रहेगी।वेबसाइट के लिए संभावित मुख्य एंगल: वायरल वीडियो में मारपीट करते नहीं दिखे पुलिस अधिकारी, फिर भी SP ने क्यों हटाया? पीरो के अपर थानाध्यक्ष पर कार्रवाई के पीछे जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया?