भोजपुर: बिहार के भोजपुर जिले के गड़हनी बाजार में समाजसेवी युवक मोहम्मद जफी की गोली मारकर हत्या के बाद शनिवार को जमकर बवाल हुआ। जफी की मौत की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश भड़क उठा। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और शव को सड़क पर रखकर आरा-सासाराम मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर आगजनी कर हत्यारे की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।
मृतक की पहचान चरपोखरी थाना क्षेत्र के इस्लामगंज निवासी स्वर्गीय मो. इस्लाम के 45 वर्षीय पुत्र मोहम्मद जफी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की शाम बदमाशों ने जफी को घर में घुसकर गोली मार दी थी। गोली लगने के बाद गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए आरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
नशे के खिलाफ चला रहे थे अभियान
स्थानीय लोगों के मुताबिक मोहम्मद जफी इलाके में गांजा, चरस, हेरोइन और स्मैक समेत अन्य सूखे नशीले पदार्थों के कारोबार और सेवन के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे। वह युवाओं को नशे से दूर रखने और इलाके में नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए अभियान चला रहे थे।
बताया जाता है कि दो दिन पहले ही सूखे नशे पर रोक लगाने को लेकर चरपोखरी पुलिस और ग्रामीणों के बीच एक बैठक हुई थी। इस बैठक में मोहम्मद जफी ने नशे के कारोबार और सेवन के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने नशा करने और उसका कारोबार करने वाले कुछ लोगों की पहचान भी उजागर की थी। इसी वजह से जफी को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हत्या के वास्तविक कारणों और वारदात में शामिल लोगों को लेकर पुलिस की जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
दस दिन में दूसरी हत्या से बढ़ी चिंता
गड़हनी बाजार में आपराधिक घटनाओं को लेकर लोगों में पहले से ही नाराजगी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ दिन पहले भी दिनदहाड़े हथियारबंद अपराधियों ने बाजार में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस घटना के बाद भी ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
अब उस घटना के करीब दस दिन बाद ही मोहम्मद जफी की हत्या ने पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही गोलीबारी और हत्या की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि गड़हनी बाजार में अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस पर नशे के कारोबार और नशेड़ियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का भी आरोप लगाया है।
शव के साथ सड़क पर उतरे ग्रामीण
जफी की मौत की जानकारी मिलने के बाद शनिवार की अहले सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण गड़हनी बाजार पहुंच गए। महिलाओं की भी भारी मौजूदगी रही। लोगों ने शव को सड़क पर रखकर आरा-सासाराम स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर आगजनी करते हुए हत्यारे की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
जाम की सूचना मिलते ही चरपोखरी और गड़हनी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारी मौके पर एसपी को बुलाने और हत्याकांड में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते रहे।
इलाज के दौरान चली गई जान
मोहम्मद जफी का इलाज कर रहे सर्जन चिकित्सक विकास सिंह के अनुसार, गोली जफी की बाईं बांह और पेट के नाभि वाले हिस्से में लगी थी। गोली पेट के निचले हिस्से में जाकर फंस गई थी। गोली लगने के कारण काफी खून बह गया था और उनकी हालत बेहद गंभीर थी। चिकित्सकों की कोशिश के बावजूद देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
फिलहाल जफी की हत्या के बाद गड़हनी में तनाव का माहौल है। ग्रामीणों की नाराजगी और लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के बीच पुलिस के सामने अब आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के साथ इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।