Bihar Crime News: बिहार के भोजपुर जिले से जमीन विवाद में खूनी संघर्ष की बड़ी खबर सामने आई है। चरपोखरी थाना क्षेत्र के मदई गांव में महज डेढ़ फीट जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच ऐसा विवाद भड़का कि पूरा गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हुई हिंसक झड़प में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि महिला समेत करीब 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और तनाव का माहौल है। पुलिस ने गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है।
जानकारी के अनुसार मदई गांव में पिछले करीब एक साल से डेढ़ फीट जमीन को लेकर दो परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। कई बार पंचायत और थाने तक मामला पहुंचा, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। शुक्रवार की शाम यह पुराना विवाद अचानक हिंसक रूप ले बैठा। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट शुरू हो गई।
बताया जा रहा है कि दोनों ओर से लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और अन्य हथियारों का इस्तेमाल किया गया। इस खूनी संघर्ष में एक पक्ष के 30 वर्षीय राधेश्याम सिंह और दूसरे पक्ष के 72 वर्षीय राजनाथ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना में करीब 12 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में महिला भी शामिल हैं। सभी को पहले चरपोखरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। कई घायलों के सिर, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही चरपोखरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को किसी तरह नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
घायल जलंधर सिंह ने आरोप लगाया कि डेढ़ फीट जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। उनका कहना है कि जिस जमीन पर उनका घर बना हुआ है, उसी पर दूसरा पक्ष दावा कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई दिनों से दीवार गिराने की धमकी दी जा रही थी और शुक्रवार को अचानक घर में घुसकर हमला कर दिया गया।
वहीं दूसरे पक्ष के घायल रामदेव सिंह का कहना है कि जमीन की सरकारी अमीन से मापी कराई गई थी और उसी के आधार पर निर्माण कराया जा रहा था। उनका आरोप है कि जब वे लोग निर्माण कार्य कर रहे थे, तभी दूसरे पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया और विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया।
मृतक राधेश्याम सिंह के बारे में बताया जा रहा है कि वह टाटा की एक रोलिंग कंपनी में काम करते थे और कुछ दिन पहले ही गांव आए थे। उनकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। वहीं दूसरे मृतक राजनाथ सिंह अपने परिवार के मुखिया थे। उनकी मौत से भी परिवार पूरी तरह टूट गया है।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जांच में जुटी हुई है। गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।