Bharat Tiwari Viral Video: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद अब उनका एक पुराना विवाद फिर चर्चा में है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर पुलिस और भरत तिवारी के बीच पहले से चले आ रहे तनावपूर्ण संबंधों की चर्चा तेज हो गई है. हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.
जानकारी के अनुसार, मार्च 2025 में शाहपुर थाना में तैनात दारोगा रामाशंकर बैठा के आवेदन पर भरत भूषण तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. उन पर सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए थे.
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि जमीन विवाद की जांच के दौरान भरत तिवारी ने पुलिस पदाधिकारी के साथ विवाद किया और उनकी वर्दी का कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की की.
जमीन विवाद की जांच के दौरान हुआ था विवाद
पुलिस के अनुसार, 24 मार्च 2025 को शाहपुर थाना की टीम बिलौटी गांव में जमीन विवाद की शिकायत की जांच करने पहुंची थी. गांव की लीलावती देवी द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही थी और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही थी.
इसी दौरान कागजात दिखाने को लेकर विवाद बढ़ गया. पुलिस का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी गुस्से में आ गए और मौके पर मौजूद दारोगा रामाशंकर बैठा के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की करने लगे.
पुलिस प्राथमिकी के मुताबिक, मामला बढ़ने पर अन्य जवानों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन उनके साथ भी कथित रूप से धक्का-मुक्की की गई. इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी सामने आई थी.
घटना के बाद पुलिस ने भरत तिवारी को गिरफ्तार कर थाना लाया था. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया था.
17 जून को हुए पुलिस एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद यह पुराना विवाद फिर से चर्चा में आ गया है. वायरल वीडियो और पुराने केस को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें हो रही हैं.
हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हुई है. पुलिस या प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई नई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. फिलहाल पुरानी प्राथमिकी और एनकाउंटर की घटना को लेकर इलाके में चर्चाओं का दौर जारी है.