Bihar News : बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार STF के जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अक्षय कुमार वही जवान है, जिस पर भरत तिवारी की मां आशा देवी ने गंभीर आरोप लगाए थे। गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है और जांच की दिशा पर सबकी नजरें टिक गई हैं।

बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने इस मामले पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि कार्रवाई पूरी तरह सबूतों के आधार पर की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। डीजीपी के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर जांच को रोकने के मूड में नहीं है।

STF जवान पर शिकंजा, जांच में सामने आए नए तथ्य

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मिले नए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर STF जवान अक्षय कुमार को हिरासत में लिया गया है। अब उससे पूछताछ कर उस दिन की पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

भरत तिवारी एनकाउंटर 17 जून 2026 को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुआ था। इस घटना के बाद से ही परिवार और स्थानीय लोगों की ओर से कई सवाल उठाए जा रहे थे। भरत तिवारी की मां आशा देवी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए जवान अक्षय कुमार को जिम्मेदार बताया था।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की थी पीड़ित परिवार से मुलाकात

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने पीड़ित परिवार की बातें सुनी थीं और मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया था। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कई बदलाव किए गए। एनकाउंटर के समय जगदीशपुर के एसडीपीओ रहे राजेश कुमार शर्मा को पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया। वहीं जगदीशपुर के एसडीओ संजीत कुमार को भी पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में भेजा गया। अधिकारियों पर यह कार्रवाई मामले में उनकी भूमिका को लेकर उठे सवालों के बाद हुई।

छह पुलिसकर्मी पहले ही हो चुके हैं निलंबित

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में इससे पहले भी पुलिस विभाग ने कार्रवाई की थी। मामले में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था, जिसमें शाहपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार सहित कई पुलिस अधिकारी शामिल थे। अब STF जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पूछताछ में घटना से जुड़े कई अहम पहलू सामने आ सकते हैं।

एनकाउंटर को लेकर उठे थे कई सवाल

भरत तिवारी की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा था कि आखिर पूरा घटनाक्रम कैसे हुआ। परिवार का दावा था कि भरत तिवारी कोई बड़ा अपराधी नहीं था और वह सामाजिक मुद्दों को लेकर आवाज उठाता था। परिजनों के मुताबिक, भरत तिवारी गरीब और वंचित लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का काम करता था। घटना से पहले वह सोशल मीडिया पर लाइव भी था। परिवार का आरोप है कि उस दौरान उसने अपनी पिस्टल दूर फेंक दी थी और आत्मसमर्पण करने की स्थिति में था। हालांकि पुलिस की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है और अंतिम सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी।

न्यायिक जांच भी जारी

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्यायिक जांच भी चल रही है। पुलिस और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रही हैं। STF जवान की गिरफ्तारी के बाद अब यह मामला और संवेदनशील हो गया है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि जांच के जरिए घटना की पूरी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को सबूतों के आधार पर ही आरोपी बनाया जा रहा है और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि STF जवान अक्षय कुमार से पूछताछ में कौन-कौन से नए खुलासे सामने आते हैं और इस चर्चित एनकाउंटर मामले की अगली कड़ी क्या होती है।