BHOJPUR: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर भोजपुर में सियासी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। भरत तिवारी के समर्थन में हुई महापंचायत के बाद अब 5 जुलाई को जगदीशपुर में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समर्थन में बहुजन महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया जा रहा है।


भोजपुर जिले में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। भरत तिवारी के समर्थन में हाल ही में आयोजित महापंचायत के बाद अब उसके विरोध में महापंचायत बुलाया गया है। यह महापंचायत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समर्थन में आयोजित की गई है। 


5 जुलाई को जगदीशपुर में होगी महापंचायत

5 जुलाई को जगदीशपुर में जो महापंचायत बुलाई गयी है, उसका नाम 'बहुजन महापंचायत' दिया गया है। इसका आयोजन लाल बिहारी सिंह टोला हाई स्कूल मैदान में किया जाएगा। सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की जा रही है। आयोजकों का दावा है कि इस महापंचायत में लाखों की संख्या में बहुजन समाज के लोग शामिल होंगे।


बहुजन आर्मी कर रही आयोजन

इस महापंचायत का आयोजन 'बहुजन आर्मी' नामक संगठन द्वारा किया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोल्डन दास ने दलित, आदिवासी, पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज के लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया है।


क्यों बुलाई गई बहुजन महापंचायत?

गोल्डन दास ने बहुजन महापंचायत के उद्देश्यों को बताया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को एकजुट कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मजबूत करना इसका मकसद है। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में 24 जून को शाहपुर के बिलौटी गांव में सवर्ण समाज की ओर से महापंचायत आयोजित की गई थी। अब उसके जवाब में बहुजन समाज अपनी एकजुटता दिखाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में दिल्ली में भी इसी तरह की महापंचायत आयोजित की जाएगी।


पोस्टर में कई दिग्गज नेताओं की तस्वीरें

5 जुलाई को प्रस्तावित बहुजन महापंचायत के पोस्टर में भगवान बुद्ध, सम्राट अशोक और डॉ. भीमराव अंबेडकर के अलावे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, कर्पूरी ठाकुर, रामविलास पासवान, मुलायम सिंह यादव, मायावती की तस्वीरें लगाई गई हैं।


24 जून को हुई थी भरत तिवारी के समर्थन में महापंचायत

बता दें कि 24 जून को शाहपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी के समर्थन में महापंचायत आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम में बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। महापंचायत में पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की गई थी। साथ ही सरकार को भरत तिवारी के श्राद्ध तक कार्रवाई करने का अल्टीमेटम भी दिया गया था। इस महापंचायत में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी शामिल हुए थे।


17 जून को हुई थी भरत तिवारी की मौत

भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की 17 जून को पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने से मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि भरत तिवारी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उसे पांच गोलियां मारी गईं। परिजनों की शिकायत पर शाहपुर थाने में तत्कालीन एसडीपीओ, तत्कालीन थानेदार समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी के पास अवैध हथियार था और वह सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन एवं पुलिस को लगातार धमकी दे रहा था। पुलिस ने उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ भी बताया था।