आरा : बिहार के भोजपुर जिले में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आ रहे हैं। दुर्गापूजा के मौके पर जहां लोग घरों से निकलकर पूजा पंडालों में घूमने और त्योहार का आनंद लेने में जुटे हैं, वहीं पवना गांव में एक परिवार की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। शुक्रवार की रात हथियारबंद बदमाशों ने 18 वर्षीय युवक को गोली मार दी। गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल युवक को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
घटना पवना थाना क्षेत्र के पवना गांव की है। मृतक की पहचान अजीमाबाद थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी कुंदन सिंह के 18 वर्षीय पुत्र शांतनु कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शांतनु दुर्गापूजा के मौके पर अपनी मौसी के घर आया था। उसे क्या पता था कि पूजा घूमने के दौरान ही वह अपराधियों की गोली का शिकार हो जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को शांतनु कुमार पवना गांव स्थित अपनी मौसी माला देवी के घर दुर्गापूजा घूमने आया था। रात में वह अपने मौसेरे भाई साहिल कुमार और गांव के कुछ अन्य लड़कों के साथ पूजा घूमने के लिए निकला था। इसी दौरान हथियारबंद बदमाशों ने उसे गोली मार दी। अचानक हुई फायरिंग से वहां मौजूद लोगों के बीच अफरातफरी मच गई।
गोली लगते ही शांतनु गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने उसे संभाला। इसके बाद बिना समय गंवाए उसे इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल ले जाने की तैयारी की गई। परिजन और स्थानीय लोग उसे लेकर अस्पताल के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उसकी हालत बिगड़ती चली गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
18 साल के युवक की मौत की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, घर में चीख-पुकार मच गई। जिस युवक के दुर्गापूजा घूमने आने से परिवार में उत्साह था, उसकी मौत की खबर ने सभी को सदमे में डाल दिया। वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही पवना गांव और आसपास के इलाके में भी दहशत का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पवना थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने वारदात की जानकारी जुटाने के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोली चलाने वाले बदमाश कौन थे और उन्होंने शांतनु को ही निशाना क्यों बनाया।
फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस कई बिंदुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। युवक की किसी से पुरानी दुश्मनी थी या फिर किसी अन्य विवाद के कारण उसे गोली मारी गई, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
दुर्गापूजा जैसे त्योहार के दौरान हुई इस वारदात ने एक बार फिर भोजपुर जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार सामने आ रही गोलीबारी और हत्या की घटनाओं से लोगों में डर का माहौल है। खासकर त्योहार के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग रात तक घरों से बाहर रहते हैं, ऐसी घटनाएं पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती हैं।
फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी पर है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही हत्या के कारणों का भी पता लगाने की कोशिश हो रही है। पुलिस की जांच और आगे मिलने वाली आधिकारिक जानकारी के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि 18 वर्षीय शांतनु कुमार की हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और इस वारदात में कितने लोग शामिल थे।
एक तरफ गांव में दुर्गापूजा की रौनक थी और लोग त्योहार मनाने निकले थे, दूसरी तरफ एक परिवार ने अपना 18 साल का बेटा खो दिया। फिलहाल इस घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।