BHAGALPUR: उत्तर और दक्षिण बिहार के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। क्षतिग्रस्त विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य तेजी से जारी है और अधिकतम 7 जून तक यातायात सुविधा बहाल किए जाने की संभावना है। पथ निर्माण विभाग और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की टीम युद्धस्तर पर काम कर रही है। सेतु पर फिलहाल हल्के वाहनों के आवागमन की अनुमति होगी और दोनों तरफ चेकपोस्ट बनेगा। 


उत्तर और दक्षिण बिहार के लाखों लोगों के लिए लाइफलाइन माने जाने वाला विक्रमशीला सेतु पर अधिकतम 7 जून तक यातायात सुविधा बहाली कर दी जाएगी। क्षतिग्रस्त सेतु पर चौथे बेली ब्रिज के लांचिंग का कार्य बुधवार को शुरू कर दिया गया, जो गुरुवार तक यानी 4 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (बीआरपीएनएनएल) के अधिकारियों का कहना है कि आवागमन शुरू करने से पहले सेतु पर सुरक्षा मानकों के अनुसार तकनीकी परीक्षण होगा। 


पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि विक्रमशीला सेतु पर चौथे बेली ब्रिज के लांचिंग के तुरंत बाद अप्रोच रैंप का निर्माण होगा जो अधिकतम दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेतु पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों का वन-वे संचालन किया जाएगा। सेतु पर फिलहाल हल्के वाहनों में बाइक,  ऑटो,  एंबुलेंस और दूसरे हल्के चारपहिया वाहनों के गुजरने की अनुमति होगी। भारी वाहनों में बस और ट्रकों के आवागमन पर रोक रहेगी। इसके लिए दोनों तरफ चेक पोस्ट बनेगा।  सचिव ने बताया कि क्षतिग्रस्त विक्रमशीला सेतु के लिए तकनीकी ऑडिट टीम के सुझाव पर अतिरिक्त सुरक्षा एवं मजबूती सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए चौथे बेली ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। 


उन्होंने बताया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), पुल निर्माण निगम और विभाग के वरिष्ठ अभियंता दिन-रात कार्य में जुटे हुए हैं। पथ निर्माण विभाग के उच्च पदाधिकारी भी लगातार निगरानी करने के साथ-साथ दिशा-निर्देश दे रहे हैं ताकि कार्य में तेजी लाई जा सके और यातायात व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल हो सके। उन्होंने बताया कि संचालन को सुरक्षित एवं सुचारू बनाने के लिए पहुंच पथ के निर्माण,  पुल के एंगल्स की तकनीकी जांच-सुधार, कोटा केबिन की स्थापना, लाइनिंग,  मार्किंग एवं सिंगल लेन मॉनीटरिंग जैसे कार्यों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है।