Vikramshila Setu : बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के बाद राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुल का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि तीन महीने के भीतर सेतु की मरम्मत कर इसे दोबारा चालू किया जाए। उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि मरम्मत कार्य में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जब तक पुल पूरी तरह से चालू नहीं हो जाता, तब तक आम लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया गया है।
दरअसल, रविवार की देर रात विक्रमशिला सेतु का एक स्पैन अचानक गंगा नदी में गिर गया था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। यह पुल भागलपुर को नवगछिया समेत उत्तर बिहार के कई इलाकों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन माना जाता है, ऐसे में इसके क्षतिग्रस्त होने से हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है।
घटना के बाद पथ निर्माण विभाग हरकत में आया और राज्य मुख्यालय से विशेषज्ञों की टीम को भागलपुर भेजा गया। विभाग के सचिव पंकज पाल ने जानकारी दी कि पुल के गिरने के कारणों की गहन जांच की जा रही है। इसके लिए आईआईटी और एनआईटी पटना के विशेषज्ञों से भी सलाह ली जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
इधर, क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम भी भागलपुर पहुंच चुकी है। रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाली यह एजेंसी कठिन परिस्थितियों में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए जानी जाती है। कर्नल समर्थ गुप्ता के नेतृत्व में रांची बटालियन की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की।
निरीक्षण के दौरान बीआरओ के जवान विशेष उपकरणों के साथ पुल के क्षतिग्रस्त स्पैन के अंदर तक पहुंचे और उसकी स्थिति का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने बीम की चौड़ाई और संरचनात्मक मजबूती का आकलन किया, ताकि मरम्मत का सटीक प्लान तैयार किया जा सके। इस दौरान बिहार राज्य पुल निर्माण निगम और एनएच डिवीजन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
बीआरओ के अधिकारियों ने जिला प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि मरम्मत कार्य बुधवार से शुरू होने की पूरी संभावना है और इसे तेजी से पूरा करने के लिए आवश्यक निर्माण सामग्री की व्यवस्था भी की जा रही है।
वहीं, आम लोगों को राहत देने के लिए फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर दी गई है। भागलपुर के बरारी घाट और बाबूपुर घाट से नवगछिया के महादेवपुर घाट तक नावों और जेटी के जरिए लोगों को आवागमन की सुविधा दी जा रही है। सरकार की ओर से चलाई जा रही नावों में यात्रा मुफ्त रखी गई है, जबकि निजी नावों के लिए निर्धारित किराया तय किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि जल्द ही और बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे लोगों को कम से कम असुविधा हो। कुल मिलाकर सरकार इस पूरी घटना को गंभीरता से लेते हुए तेजी से समाधान की दिशा में काम कर रही है, ताकि विक्रमशिला सेतु को जल्द से जल्द फिर से चालू किया जा सके और आम जनजीवन सामान्य हो सके।