Bihar News : बिहार के भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु के स्थायी जीर्णोद्धार की तैयारी तेज हो गई है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर लगाए गए चारों बेली ब्रिज को हटाने के लिए सीमा सड़क संगठन (BRO) की 80 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम शुक्रवार, 25 सितंबर को भागलपुर पहुंचने वाली है। टीम के आगमन के साथ ही पुल की मरम्मत से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियों में तेजी आने की उम्मीद है।
विक्रमशिला सेतु पर वाहनों की आवाजाही 30 सितंबर 2026 की रात से पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इसके बाद 1 अक्टूबर से बेली ब्रिज को हटाने का काम शुरू होगा। इस दौरान पुल से गुजरने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। पुल के बंद होने से भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन प्रभावित होगा। ऐसे में प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने की चुनौती होगी।
बेली ब्रिज हटाने के इस बड़े अभियान को देखते हुए बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL) ने जिला प्रशासन से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। निगम के कार्य प्रमंडल भागलपुर के वरीय परियोजना अभियंता ने इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। इसमें BRO की टीम के ठहरने, चिकित्सा, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
BRO की 80 सदस्यीय टीम में इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी और जवान शामिल होंगे। इतने बड़े दल के लिए आवास की व्यवस्था करना भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारियों के ठहरने के लिए सर्किट हाउस में चार कमरों की मांग की गई है, जबकि अन्य कर्मियों के लिए पर्याप्त क्षमता वाले स्टाफ हाउस की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा कार्यस्थल पर स्वच्छ पेयजल, स्थायी शौचालय और मोबाइल टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
पुल पर बेली ब्रिज हटाने का काम तकनीकी रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। ऊंचाई पर भारी मशीनरी और उपकरणों के इस्तेमाल के साथ गंगा नदी के ऊपर काम किया जाएगा। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। निगम ने BRO की टीम के लिए एक चिकित्सक और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की मांग की है। साथ ही दो डॉक्टरों के लिए आवास और जरूरी जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जिला प्रशासन से कई महत्वपूर्ण इंतजाम करने को कहा गया है। विक्रमशिला सेतु के दोनों छोरों यानी बरारी और नवगछिया की ओर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की मांग की गई है। इसका उद्देश्य भारी मशीनरी और तकनीकी कर्मचारियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और पुल के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
गंगा नदी के तेज बहाव को देखते हुए बचाव व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। इसके लिए पुल के नीचे एक SDRF स्पीड बोट को चौबीसों घंटे तैनात रखने का अनुरोध किया गया है। बोट पर लाइफ जैकेट और गोताखोरों की व्यवस्था भी करने को कहा गया है, ताकि काम के दौरान किसी भी जल दुर्घटना की स्थिति में तत्काल बचाव अभियान चलाया जा सके।
विक्रमशिला सेतु पर लगे चारों बेली ब्रिज हटाए जाने के बाद मुख्य स्पैन पर स्थायी मरम्मत का काम शुरू करने का रास्ता साफ होगा। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम आधुनिक तकनीक के जरिए पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का स्थायी पुनर्स्थापन करेगा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य पुल को स्थायी रूप से दुरुस्त करना और भविष्य में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है।
फिलहाल, 30 सितंबर की रात से पुल बंद होने और 1 अक्टूबर से बेली ब्रिज हटाने का काम शुरू होने की तैयारी है। ऐसे में भागलपुर और नवगछिया के बीच यात्रा करने वाले लोगों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखने की जरूरत होगी।