Vikramshila Setu: बिहार के भागलपुर में गंगा नदी पर क्षतिग्रस्त विक्रमशिला सेतु को जोड़ने के लिए अब तीन नहीं बल्कि चार बेली ब्रिज बनाए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय ने सीमा सड़क संगठन (BRO) को चौथे बेली ब्रिज के निर्माण की मंजूरी दे दी है। इससे पहले दो बेली ब्रिज बन चुके हैं और तीसरे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अब चौथे बेली ब्रिज के निर्माण के चलते पुल पर आवागमन शुरू होने में कुछ और दिन की देरी हो सकती है। प्रशासन ने विक्रमशिला सेतु को दोबारा चालू करने की संभावित तारीख को भी आगे बढ़ा दिया है।


पथ निर्माण विभाग के मंत्री कुमार शैलेद्र ने बताया कि शुरुआत में केवल तीन बेली ब्रिज बनाए जाने थे, लेकिन चौथे पिलर के भी क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर चौथा ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद बिहार सरकार ने यह प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजा, जिसे स्वीकार कर लिया गया।


मंत्री ने कहा कि सरकार किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती, इसलिए चौथे बेली ब्रिज का निर्माण भी कराया जा रहा है। तीन बेली ब्रिज का काम लगभग पूरा हो चुका है और चौथे का निर्माण शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जून के पहले सप्ताह में पुल को चालू करने का लक्ष्य बरकरार है, हालांकि चौथे ब्रिज के कारण इसमें 3–4 दिनों की अतिरिक्त देरी हो सकती है।


गुरुवार को तीसरे ब्रिज के फ्रेम पर लोहे की प्लेट लगाई गई और नट-बोल्ट से फिक्सिंग का काम शुरू हुआ। पिछले कुछ दिनों से खराब मौसम और बिजली की समस्या के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था। निर्माण पूरा होने के बाद इस पुल पर केवल हल्के वाहन जैसे ऑटो, टोटो और कार को ही चलने की अनुमति दी जाएगी। भारी वाहनों जैसे ट्रक, बस और लोडेड वाहनों का परिचालन फिलहाल प्रतिबंधित रहेगा।


BRO ने भी स्पष्ट किया है कि टूटे हिस्से पर बने बेली ब्रिज पर एक समय में केवल हल्के वाहनों का ही आवागमन सुरक्षित है। निर्माण पूरा होने के बाद IIT पटना के विशेषज्ञ इसकी जांच करेंगे और सफल ट्रायल के बाद ही इसे आम जनता के लिए खोला जाएगा।


भागलपुर के डीएम नवल किशोर चौधरी ने बताया कि क्षतिग्रस्त स्लैब का काम पहले ही पूरा किया जा चुका है और गैप को कवर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 140 फीट का एक और स्लैब जल्द लगाया जाएगा और पुल को 7 जून से पहले चालू करने की कोशिश की जा रही है।


विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा 3 मई की आधी रात को गंगा नदी में गिर गया था, जिसके बाद पुल दो हिस्सों में बंट गया और आवागमन पूरी तरह बंद हो गया था। अब रक्षा मंत्रालय और BRO की मदद से इसे अस्थायी बेली ब्रिज के जरिए जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।