Bihar News : भागलपुर जिले के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर तैयार किया जा रहा तीसरा बेली ब्रिज अब लगभग बनकर तैयार हो चुका है। संभावना जताई जा रही है कि जून के पहले सप्ताह से इस पुल पर दोबारा वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल शुक्रवार को 24 मीटर लंबे तीसरे और अंतिम बेली ब्रिज की लॉचिंग की तैयारी पूरी कर ली गई है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात तक तीसरे बेली ब्रिज को पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद शुक्रवार को इसकी लॉचिंग की जाएगी। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) की टीम तीनों बेली ब्रिज की संयुक्त जांच करेगी और ट्रायल रन की तारीख तय करेगी। ट्रायल के दौरान पुल से गाड़ियों को गुजारकर उसकी मजबूती और सुरक्षा का परीक्षण किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि परीक्षण सफल रहने पर पांच जून से विक्रमशिला पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है। हालांकि शुरुआत में इस पुल पर केवल हल्के वाहनों को अनुमति मिलेगी। भारी वाहनों के प्रवेश पर फिलहाल रोक रहेगी ताकि नए बनाए गए बेली ब्रिज पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
प्रशासन की ओर से यह भी तय किया गया है कि पुल पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाएगी। यानी एक समय में सिर्फ एक दिशा की गाड़ियां ही पुल से गुजर सकेंगी। इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और विशेष कैंप लगाकर ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से पुल पर जाम की स्थिति नहीं बनेगी और आवाजाही भी सुरक्षित तरीके से हो सकेगी।
दरअसल, तीन मई को विक्रमशिला पुल का करीब 34 मीटर लंबा स्लैब अचानक टूटकर गंगा नदी में समा गया था। इस घटना के बाद पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया था। पुल टूटने से भागलपुर सहित कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों की परेशानी बढ़ गई थी। लोगों को वैकल्पिक रास्तों से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी।
घटना के अगले ही दिन बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने दावा किया था कि तीन महीने के भीतर पुल को चालू करने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने केंद्र से भी मदद मांगी थी। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत कर सेना की तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।
इंजीनियरों की जांच में पुल के स्लैब में ‘एलिगेटर क्रैकिंग’ जैसी गंभीर तकनीकी खराबी सामने आई थी। इसके बाद पांच मई को बीआरओ की टीम भागलपुर पहुंची और मौके का निरीक्षण शुरू किया। छह मई को असेसमेंट पूरा होने के बाद पुल पर बेली ब्रिज लगाने की योजना पर तेजी से काम शुरू हुआ।
इसके बाद 19 मई को पहले बेली ब्रिज की लॉचिंग की गई थी, जबकि 24 मई को दूसरे बेली ब्रिज के गार्डर लॉन्च किए गए। अब तीसरे और अंतिम बेली ब्रिज के तैयार होने के साथ लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही विक्रमशिला पुल पर फिर से गाड़ियों की रफ्तार लौटेगी।स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल चालू होने से भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच संपर्क फिर सामान्य हो जाएगा और व्यापार, परिवहन तथा दैनिक जीवन में काफी राहत मिलेगी।