PATNA: भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को एक बड़ी सफलता मिली है। भागलपुर स्थित विशेष निगरानी न्यायालय ने सहरसा के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अरविंद कुमार सिन्हा को रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।


विशेष न्यायालय निगरानी, भागलपुर के न्यायाधीश दीपक कुमार-1 ने निगरानी थाना कांड संख्या 67/2009 (विशेष वाद संख्या 26/2009) में अरविंद कुमार सिन्हा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 तथा धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(डी) के तहत दोषी करार दिया। यह मामला सहरसा जिले के सौरबाजार अंचल के हल्का संख्या-08 में तैनात तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अरविंद कुमार सिन्हा द्वारा दो कट्ठा जमीन का दाखिल-खारिज करने के लिए परिवादी हरे कृष्ण कुमार से 5,000 रुपये रिश्वत मांगने से संबंधित था। शिकायत के आधार पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए 10 जून 2009 को आरोपी को 5,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।


 14.08.2026 को श्री दीपक कुमार-01, माननीय न्यायाधीश, विशेष न्यायालय निगरानी, भागलपुर द्वारा अभियुक्त श्री अरविन्द कुमार सिन्हा, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी, हल्का नं0-08, सौरबाजार, अंचल-सहरसा, जिला- सहरसा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 13(2) सह पठित धारा 13(1)(डी) के तह्त निगरानी थाना कांड संख्या-67/2009 (विशेष वाद सं-26/2009) में दोषी ठहराया गया।    

 यह मामला परिवादी श्री हरे कृष्ण कुमार, पिता-श्री बालदेव साह, गा्रम$पोस्ट$ थाना-सौरबाजार, वार्ड नं0-03, जिला-सहरसा से अभियुक्त श्री अरविन्द कुमार सिन्हा, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी, हल्का नं0-08, सौरबाजार, अंचल-सहरसा, जिला- सहरसा द्वारा दो कट्ठा जमीन का दाखिल खारिज करने हेतु परिवादी से 5,000/-रूपया रिश्वत माँगने का आरोप लगाया गया। जिसमें आरोपी को दिनांक- 10.06.2009 को 5,000/- रूपया रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।    


इस मामले में तत्कालीन अनुसंधानकर्ता रामअयोध्या सिंह, पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा सटीक और समय पर आरोप-पत्र दायर किया गया। अभियोजन द्वारा कुल 11 साक्षियों की गवाही कराई गई। बिहार सरकार की ओर से प्रेस विज्ञप्ति सं0-111 2026   दिनांक 14 अगस्त, 2026   निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा अनुसंधानरित कांड में माननीय न्यायालय द्वारा दोषी करार।  भ्रष्टाचार के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई में सफलता   श्री राम बदन कुमार चैधरी, प्रभारी विशेष लोक अभियोजक निगरानी, भागलपुर ने प्रभावी तरीके से पैरवी की और आरोपी को दोषसिद्ध कराने में सफलता हासिल की।       

 श्री अरविन्द कुमार सिन्हा, तत्कालीन राजस्व कर्मचारी, हल्का नं0-08, सौरबाजार, अंचल-सहरसा, जिला- सहरसा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 में दो वर्ष सश्रम कारावास एवं 20,000/-(बीस हजार) रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है। धारा-13(2) सह पठित धारा-13(1)(डी) में दो वर्ष सश्रम कारावास एवं 20,000/-(बीस हजार) रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है। अर्थदण्ड की राशि जमा नहीं करने पर एक महीने का साधारण कारावास होगा। दोनों सजा साथ-साथ चलेगी।           


 अब तक वर्ष 2026 में कुल 15 भ्रष्टाचार के मामले में न्यायालय द्वारा सजा सुनायी गई है। वर्तमान कांड में दोषसिद्ध की कार्रवाई श्री दीपक कुमार-01, माननीय न्यायाधीश, विशेष न्यायालय निगरानी, भागलपुर द्वारा की गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा अभियोजन की कार्यवाही लगातार जारी है।


अब तक वर्ष 2026 में कुल 15 भ्रष्टाचार के मामले में न्यायालय द्वारा सजा सुनायी गई है। वर्तमान कांड में दोषसिद्ध की कार्रवाई श्री दीपक कुमार-1, माननीय न्यायाधीश, विशेष न्यायालय निगरानी, भागलपुर द्वारा की गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा अभियोजन की कार्यवाही लगातार जारी है।