Bihar Cyber Crime: बिहार में साइबर ठगों का नया खेल लोगों के बैंक अकाउंट पर भारी पड़ रहा है। अब ठग गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। एक छोटी सी गलती और मिनटों में आपका अकाउंट खाली हो सकता है। भागलपुर में ऐसे ही मामलों में सेना के एक कर्नल और जवान तक साइबर अपराधियों के जाल में फंस गए।


दरअसल, साइबर ठग बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों, बैंकों और सर्विस कंपनियों के नाम से गूगल पर अपने फर्जी नंबर अपलोड कर देते हैं। जैसे ही कोई ग्राहक मदद के लिए उस नंबर पर कॉल करता है, ठग खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर भरोसा जीत लेते हैं। इसके बाद लिंक, ऐप या बैंक डिटेल्स के जरिए खाते से रकम उड़ा ली जाती है।


भागलपुर के प्रियदर्शनी नगर निवासी कर्नल अशोक कुमार सिंह भी इसी जाल में फंस गए। बताया जा रहा है कि वे बैंक ऐप पर चेक बुक डिस्पैच का स्टेटस देख रहे थे। इसी दौरान एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और मदद के बहाने उन्हें बातों में उलझा लिया। कुछ ही देर में उनके खाते से 59 हजार रुपये गायब हो गए।


वहीं दूसरा मामला एनसीसी कार्यालय में कार्यरत सेना के जवान नरेश चंद्र से जुड़ा है। वे इंटरनेट पर एक हर्बल कंपनी का संपर्क नंबर खोज रहे थे। जस्ट डायल के जरिए मिले नंबर पर कॉल करना उन्हें भारी पड़ गया। ठग ने बातचीत के दौरान उनका मोबाइल हैक कर लिया और खाते से दो बार में कुल 82 हजार रुपये निकाल लिए।


साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि गूगल पर दिख रहे हर नंबर पर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है। कई बार ठग सर्च रिजल्ट में फर्जी नंबर इस तरह डालते हैं कि लोग उन्हें असली कस्टमर केयर समझ बैठते हैं।


विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी बैंक, ई-कॉमर्स कंपनी या ऑनलाइन सर्विस का नंबर केवल उसकी ऑफिशियल वेबसाइट या वेरिफाइड ऐप से ही लें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि कोई भी असली कस्टमर केयर कर्मचारी फोन पर OTP, UPI PIN, CVV या बैंक डिटेल्स नहीं मांगता।


साइबर सेल का कहना है कि अगर किसी संदिग्ध नंबर से कॉल आए या कोई लिंक भेजा जाए, तो तुरंत सावधान हो जाएं। छोटी सी लापरवाही आपकी मेहनत की पूरी कमाई मिनटों में साफ कर सकती है।