Bihar Rail Project: करीब चार दशक से लंबित बहुप्रतीक्षित बिहपुर-बिहारीगंज वाया पचरासी रेल परियोजना को अब प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। रेल मंत्रालय द्वारा हाल ही में देशभर में स्वीकृत 29 नई रेल परियोजनाओं में इस महत्वपूर्ण योजना को शामिल किया गया है। इस फैसले को कोसी और अंग क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।


भागलपुर सांसद अजय कुमार मंडल ने रविवार को जानकारी देते हुए कहा कि यह निर्णय क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि उन्होंने बीते वर्ष 11 मार्च को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस चार दशक पुरानी मांग को प्रमुखता से उठाया था।


सांसद ने कहा कि प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना के क्रियान्वयन का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है और क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही उम्मीदों को नई गति मिली है। यह रेललाइन कोसी और अंग क्षेत्र के कई पिछड़े इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।


इस परियोजना से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को भी गति मिलेगी। इसके माध्यम से धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पचरासी धाम, बिहपुर स्थित बाबा ब्रजलेश्वरनाथ धाम, मड़वा और मिल्की गांव स्थित दाता मांगन शाह रहमतुल्ला अलैय की मजार जैसे धार्मिक स्थलों तक रेल संपर्क स्थापित होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी।


स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी इससे सीधा लाभ मिलेगा। सांसद ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री के प्रति आभार जताया है। परियोजना को मंजूरी मिलने की खबर के बाद पूरे कोसी और अंग क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह रेल लाइन उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी और क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगी।